नेपाल में Gen-Z युवाओं के नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद उपजे राजनीतिक संकट ने नया मोड़ ले लिया है। संसद को भंग करने का फैसला लेते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल की मौजूदगी में आज रात 8:45 बजे राष्ट्रपति भवन में उनका शपथग्रहण समारोह होगा। यह नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री होंगी।
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Gen-Z प्रतिनिधियों की बैठक
Gen-Z प्रदर्शनों ने सोशल मीडिया प्रतिबंध, भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन में संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास और मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया था। इन प्रदर्शनों में 51 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक भारतीय महिला भी शामिल है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
सेना ने सुरक्षा की कमान संभाली और वार्ता शुरू की। राष्ट्रपति पौडेल, सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल और Gen-Z प्रतिनिधियों की बैठक में सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनी। काठमांडू मेयर बालेंद्र शाह ने भी उनका समर्थन किया।

नेपाल की पहली मुख्य महिला
सुशीला कार्की, 73 वर्षीय वकील और नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (2016-2017), न्यायिक फैसलों के लिए जानी जाती हैं। उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के कई मामलों पर सख्त रुख अपनाया गया था, जिसके चलते यह 2017 में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन जन दबाव से वह वापस ले लिया गया। Gen-Z ने उन्हें ईमानदार और निष्पक्ष नेता मानते हुए चुना। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “कार्की साहसी और अटल हैं, वे राष्ट्र का निर्माण करेंगी।”
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