Noida Workers Protest: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मजदूरों का आंदोलन अब गंभीर रूप ले चुका है। दरअसल पिछले कई दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन आज सोमवार को अचानक हिंसक हो गया। जिसमें कई जगहों पर तोड़फोड़, पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरा विवाद खास तौर से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन अब इसका असर पूरे औद्योगिक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।
आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?
नोएडा के फेस-2 और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों मजदूर लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मजदूरों का कहना है कि उनकी सैलरी काफी समय से नहीं बढ़ी है, जबकि काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल शुरुआत में यह आंदोलन शांतिपूर्ण था। जिसमें मजदूर धरना और प्रदर्शन कर रहे थे और कंपनियों से बातचीत की कोशिश कर रहे थे। लेकिन आज सोमवार को अचानक हालात बदल गए और प्रदर्शन उग्र हो गया।
हिंसा कैसे भड़की?
सोमवार सुबह जैसे ही फैक्ट्रियों में काम शुरू हुआ, कई जगह मजदूरों ने काम का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर भीड़ बेकाबू हो गई और प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कुछ कंपनियों के बाहर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। वहीं, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम लग गया और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ।
हरियाणा सरकार का फैसला बना विवाद की वजह
इस पूरे आंदोलन के पीछे सबसे बड़ा कारण हरियाणा सरकार का हालिया फैसला माना जा रहा है। हरियाणा सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद हरियाणा में मजदूरों की सैलरी बढ़ गई है, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मजदूरों में असंतोष बढ़ गया।
इस मामले मजदूरों का कहना है कि जब एक ही कंपनी या समान उद्योग में हरियाणा के कर्मचारियों को ज्यादा वेतन मिल रहा है, तो नोएडा में भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
हरियाणा में कितना बढ़ा वेतन?
हरियाणा सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार, सरकार का दावा है कि यह बढ़ोतरी मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए की गई है।
- अकुशल श्रमिकों का वेतन लगभग 11,275 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये हो गया।
- अर्ध-कुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 रुपये से बढ़कर 16,780 रुपये हुआ।
- कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 रुपये से बढ़कर लगभग 18,500 रुपये हुआ।
- हाई स्किल्ड श्रमिकों का वेतन 14,389 रुपये से बढ़कर 19,425 रुपये किया गया।

नोएडा में मजदूरों की मुख्य मांगें
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मजदूरों की मांगें अब सिर्फ वेतन बढ़ोतरी तक सीमित नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं।
- न्यूनतम मासिक वेतन 20,000 रुपये किया जाए।
- सभी कर्मचारियों को समान वेतन दिया जाए।
- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से हो।
- किसी भी कर्मचारी को बिना कारण नौकरी से न निकाला जाए।
- साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए।
- बोनस का भुगतान समय पर बैंक खातों में किया जाए।
कंपनियों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन का कहना है कि यह आंदोलन हरियाणा की वेतन बढ़ोतरी के फैसले के बाद तेज हुआ है। कई कंपनियों का दावा है कि वे तत्काल इतनी बड़ी वेतन वृद्धि देने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बातचीत की जा रही है और मजदूरों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
रिचा ग्लोबल कंपनी से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत एक बड़ी कंपनी रिचा ग्लोबल से हुई। इस कंपनी की एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में भी स्थित है, जहां वेतन बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को अधिक सैलरी दी गई। इसके बाद नोएडा स्थित यूनिट के कर्मचारियों ने भी समान वेतन की मांग शुरू कर दी। धीरे-धीरे यह मांग अन्य कंपनियों तक फैल गई और पूरा औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित हो गया।
आम लोगों पर असर
जानकारी के अनुसार इस आंदोलन और हिंसा का असर आम लोगों पर भी पड़ा है। जिसमें कई प्रमुख सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली-नोएडा मार्ग, चिल्ला बॉर्डर और सेक्टर-62 जैसे क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
क्या कहता है प्रशासन?
प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की मांगों पर बातचीत चल रही है और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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