दरअसल, पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो बड़े एयरबेस — रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस और रफीकी एयरबेस पर हमला किया।
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डिप्टी पीएम इशाक डार ने एक इंटरव्यू में बताया कि 7 और 8 मई की रात 2:30 बजे भारत ने मिसाइल हमले किए। इस हमले के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि सऊदी अरब के प्रिंस फैसल ने तुरंत फोन किया। पाकिस्तान को भारत से सीजफायर की गुहार लगानी पड़ी।
डार ने बताया कि भारत ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई।
10 मई की दोपहर तक भारत ने पाकिस्तान की हर कार्रवाई का करारा जवाब दिया। फिर पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन कर सीजफायर का प्रस्ताव दिया।
ये खुलासा बताता है कि भारत की इस जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान किस हद तक घबराया हुआ था।
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