Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का 9वां संस्करण आज 6 फरवरी 2026, सुबह 10 बजे बड़े उत्सव के माहौल में आयोजित किया गया. इस खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया और परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए आसान, व्यवहारिक और दिल को छू लेने वाली सलाह दी. इस बार की चर्चा में पीएम मोदी ने पंचतंत्र की कहानियों से सीख लेते हुए बच्चों को समझाया कि डर को कैसे मैनेज किया जाए, मन को शांत कैसे रखा जाए और पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि सीखने का उत्सव कैसे बनाया जाए. कार्यक्रम का मुख्य संदेश साफ था की “परीक्षा से डरें नहीं, उसे अवसर समझें”
‘परीक्षा पे चर्चा’ का यह 9वां संस्करण देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव दिखाया गया. छात्रों ने घर से, स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम के जरिए और मोबाइल पर इस कार्यक्रम को लाइव देखा. पीएम मोदी ने बच्चों से सीधे सवाल पूछे, उनकी बातें सुनीं और बड़े सहज अंदाज में जवाब दिए. इससे छात्रों को यह एहसास हुआ कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी चिंताओं को समझने वाला कोई है.
छात्रों ने पीएम मोदी को दिए खास तोहफे
इस बार कार्यक्रम में छात्रों ने पीएम मोदी को अलग-अलग राज्यों की संस्कृति से जुड़े अनोखे गिफ्ट दिए:
- पीएम मोदी का हैंड-ड्रॉन स्केच
- हैंडमेड बुके
- पहाड़ों में बनने वाली डोलची
- त्रिपुरा से कोकोनट की लकड़ी से बना सितार
- ऑर्गेनिक चाय
- असम का गमछा
इन तोहफों ने कार्यक्रम को और भावनात्मक बना दिया. वहीं,पीएम मोदी ने बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता की खूब तारीफ की.
पढ़ाई के साथ मानसिक शांति क्यों है जरूरी?
पीएम मोदी ने इस बार खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक शांति भी उतनी ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर मन शांत रहेगा, तो याददाश्त अच्छी होगी, ध्यान केंद्रित रहेगा और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन होगा. उन्होंने पंचतंत्र की कहानियों का उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे कहानियों में किरदार मुश्किल हालात में भी धैर्य और बुद्धि से काम लेते हैं, वैसे ही छात्रों को भी धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए.
‘एग्जाम वॉरियर’ बनने की सलाह
पीएम मोदी ने छात्रों को ‘एग्जाम वॉरियर’ बनने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि परीक्षा को दुश्मन नहीं, बल्कि दोस्त समझें.डर के बजाय साहस के साथ परीक्षा का सामना करें.उनके मुताबिक, “एग्जाम वॉरियर वह है जो रट्टा नहीं मारता, बल्कि समझकर पढ़ता है और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है.”
पीएम मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’
- परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं: पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि एक उत्सव की तरह लें. जब मन में डर कम होगा, तो प्रदर्शन अपने आप बेहतर होगा.
- प्रतिस्पर्धा खुद से करें, दूसरों से नहीं: उन्होंने बच्चों को समझाया कि खुद की प्रगति पर ध्यान दें.हर छात्र की क्षमता अलग होती है, इसलिए दूसरों से तुलना करने की बजाय कल से बेहतर बनने की कोशिश करें.
- डिजिटल फास्टिंग अपनाएं: पीएम मोदी ने मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाने की सलाह दी.उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय अनावश्यक स्क्रीन टाइम कम करें और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहें.
- मुश्किल काम पहले निपटाएं: पीएम मोदी का कहना था कि पढ़ाई में जो विषय या टॉपिक मुश्किल लगते हैं, उन्हें पहले पूरा करें.आसान काम बाद में करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ता है.
- रट्टू तोता नहीं, ‘एग्जाम वॉरियर’ बनें: उन्होंने रटने की आदत से बचने को कहा और समझकर पढ़ने पर जोर दिया.समझकर पढ़ाई करने से ज्ञान लंबे समय तक याद रहता है.
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी संदेश
पीएम मोदी ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें.उन्होंने कहा कि हर बच्चा टॉपर नहीं बन सकता, लेकिन हर बच्चा किसी न किसी क्षेत्र में बेहतर कर सकता है. शिक्षकों से उन्होंने आग्रह किया कि वे छात्रों को सिर्फ नंबर लाने की मशीन न बनाएं, बल्कि उन्हें जीवन के लिए तैयार करें.
तनाव कम करने के आसान तरीके
पीएम मोदी ने परीक्षा से पहले तनाव कम करने के लिए कुछ छोटे-छोटे उपाय भी बताए:
- रोजाना थोड़ी देर ध्यान या गहरी सांस लें
- हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें
- पढ़ाई के बीच-बीच में ब्रेक लें
- नींद पूरी करें
- खुद पर भरोसा रखें
- छात्रों के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
- रोजाना एक रीयलिस्टिक टाइम-टेबल बनाएं
- छोटे टारगेट तय करें
- रिवीजन को हल्के में न लें
- पिछले साल के प्रश्न पत्र हल करें
- जरूरत पड़ने पर टीचर या दोस्तों से मदद मांगें
कार्यक्रम का संदेश: डर नहीं, विश्वास रखें
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि परीक्षा जिंदगी का अंत नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा सिर्फ एक पड़ाव है, जिंदगी का सफर इससे कहीं बड़ा है. अगर किसी परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक नंबर न आएं, तो खुद को कमजोर न समझें और आगे बढ़ते रहें.
Pariksha Pe Charcha 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परीक्षा सिर्फ नंबरों का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच की परीक्षा भी है.



