PM Modi Australia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए। सिडनी एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री के इस तीन दिवसीय दौरे को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे। यह पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया का तीसरा दौरा है। इससे पहले वह मई 2023 में ऑस्ट्रेलिया गए थे। लगातार बढ़ती द्विपक्षीय साझेदारी को देखते हुए इस यात्रा पर दोनों देशों की खास नजर है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई मजबूती देगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
अल्बानीज के साथ होगी अहम द्विपक्षीय बैठक
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, मुक्त और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और व्यापार विस्तार जैसे विषय प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर भी बातचीत होने की संभावना है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण विषय रक्षा सहयोग हो सकता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले से ही हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में कई साझा सैन्य अभ्यासों और सुरक्षा पहलों में साथ काम कर रहे हैं। बदलते वैश्विक हालात और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए दोनों देश रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, नौसैनिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चाएं होने की उम्मीद है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी होगी चर्चा
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौतों का दायरा भी बढ़ रहा है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और उद्योगों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना है।
भारत को अहम आर्थिक साझेदार बताया
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भारत को ऑस्ट्रेलिया का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार बताया। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऑस्ट्रेलिया के लिए उसका महत्व लगातार बढ़ रहा है। बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, तकनीक, शिक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
‘प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करना सम्मान की बात’
एंथनी अल्बानीज ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को अपने लिए सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच विश्वास लगातार बढ़ा है और यह साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
दोनों नेताओं की बैठक में Comprehensive Strategic Partnership को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और जलवायु परिवर्तन से जुड़े सहयोग शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी खासा उत्साह देखने को मिला। मेलबर्न में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के स्वागत से पहले वैदिक हवन का आयोजन किया। कई स्थानों पर भारतीय मूल के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की। भारतीय समुदाय का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को भी और मजबूत करेगी।
भारत के उच्चायुक्त ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की यह तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा दोनों देशों के बढ़ते विश्वास और मजबूत होते संबंधों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक हित काफी हद तक समान हैं। यही कारण है कि दोनों देश रक्षा, व्यापार, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में लगातार एक-दूसरे के करीब आए हैं। उनके अनुसार, इस यात्रा से दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गति मिलेगी।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना भी है। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों इस क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग भविष्य में और मजबूत होने की संभावना है।
दौरे से क्या उम्मीदें?
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई प्रगति की उम्मीद की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से:-
- रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिल सकती है।
- व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं।
- महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी मजबूत हो सकती है।
- तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल इनोवेशन में सहयोग बढ़ सकता है।
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक तालमेल और गहरा हो सकता है।
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