PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में देशवासियों से दिल से संवाद किया.इस बार उनका संदेश भविष्य की तकनीक, खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), भारतीय नवाचार, ‘जीरो डिफेक्ट’ मैन्युफैक्चरिंग, और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे अंगदान पर केंद्रित रहा. देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आम नागरिकों तक ने पीएम मोदी की बातों को ध्यान से सुना और सोशल मीडिया पर इन संदेशों पर चर्चा होती रही.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का रचनाकार (Creator) बन रहा है. उन्होंने AI समिट का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे भारतीय इनोवेशन ने दुनिया भर के नेताओं को प्रभावित किया। साथ ही, उन्होंने देशवासियों से अपील की कि तकनीक को अपनाते हुए गुणवत्ता पर समझौता न करें और ‘जीरो डिफेक्ट’ के मंत्र पर भरोसा बढ़ाएं.
AI समिट में भारत के दो प्रोडक्ट्स ने दुनिया को किया प्रभावित
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में AI समिट का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भारत के दो इनोवेटिव प्रोडक्ट्स ने वैश्विक नेताओं को हैरान कर दिया.
1) अमूल के बूथ पर AI का कमाल
प्रधानमंत्री ने बताया कि अमूल के बूथ पर दिखाया गया कि कैसे AI पशुओं के इलाज में मदद कर रही है और कैसे 24×7 AI असिस्टेंस के जरिए किसान अपनी डेयरी और पशुधन का हिसाब रख पा रहे हैं. इससे पशुपालकों को बीमारी की समय रहते पहचान हो रही और दूध उत्पादन में सुधार.वहीं,खर्च-आमदनी का बेहतर मैनेजमेंट जैसे फायदे मिल रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि यह तकनीक ग्रामीण भारत की ताकत बढ़ा रही है.
2) हमारी संस्कृति और प्राचीन ज्ञान का डिजिटल संरक्षण
दूसरा उदाहरण हमारी संस्कृति और विरासत से जुड़ा था. पीएम मोदी ने कहा कि AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों, और सदियों पुराने ज्ञान को
डिजिटल रूप में संरक्षित किया जा रहा है और आज की पीढ़ी के अनुरूप प्रस्तुत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह देखकर दुनिया के नेता हैरान थे कि भारत कैसे अपनी परंपरा और आधुनिक तकनीक को जोड़कर आगे बढ़ रहा है.
‘जीरो डिफेक्ट’ का मंत्र, क्वालिटी पर कोई समझौता नहीं
पीएम मोदी ने उद्योग और स्टार्टअप्स को ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ की सोच अपनाने का संदेश दिया.उनका कहना था कि भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनना है, तो गुणवत्ता यानि Quality पर समझौता नहीं किया जा सकता.
भारतीय उत्पादों पर दुनिया का भरोसा बढ़े, ‘मेक इन इंडिया’ को नई पहचान मिले और निर्यात में भारत की साख मजबूत हो. इसके लिए हर स्तर पर क्वालिटी कंट्रोल जरूरी है. उन्होंने MSMEs, स्टार्टअप्स और युवाओं से कहा कि वे AI और नई तकनीकों को अपनाएं, ताकि उत्पादकता बढ़े और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रतिस्पर्धा मजबूत हो.
AI से बदलेगा शिक्षा, खेती और हेल्थ का चेहरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि
- शिक्षा में AI: पर्सनलाइज़्ड लर्निंग, भाषा अनुवाद और डिजिटल कंटेंट
- कृषि में AI: फसल रोग की पहचान, मौसम पूर्वानुमान, बेहतर पैदावार
- स्वास्थ्य में AI: शुरुआती बीमारी पहचान, टेली-मेडिसिन, ग्रामीण इलाकों तक हेल्थ सेवाएं
पीएम मोदी ने कहा कि अगर सही नीति और जिम्मेदारी के साथ AI अपनाई जाए, तो डिजिटल डिवाइड कम होगा और गांवों तक तकनीक का लाभ पहुंचेगा.
युवा, स्टार्टअप और रिसर्च: भारत की असली ताकत
प्रधानमंत्री ने युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि आज भारत में AI स्टार्टअप्स, डीप-टेक रिसर्च और इनोवेशन कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं,बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए. इसके लिए रिसर्च में निवेश, इंडस्ट्री-अकादमिक पार्टनरशिप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना जरूरी है.
डिजिटल इंडिया से ‘टेक-फॉर-गुड’ की ओर भारत
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया अब केवल सुविधा देने का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि ‘टेक्नोलॉजी फॉर गुड’ का आंदोलन बन चुका है. सरकारी सेवाओं में AI, किसानों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और MSMEs के लिए टेक-सपोर्ट से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि तकनीक का मकसद केवल मुनाफा नहीं, बल्कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना होना चाहिए.
वैश्विक मंच पर भारत की पहचान
AI समिट में भारतीय इनोवेशन की तारीफ को पीएम मोदी ने भारत की वैश्विक साख से जोड़ा. उन्होंने कहा कि भारत अब नीतियां अपनाने वाला नहीं, नीतियां गढ़ने वाला देश बन रहा है. हमारी संस्कृति और टेक्नोलॉजी का मेल हमें अलग पहचान देता है. ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ भारत दुनिया को टेक्नोलॉजी में सहयोग का मॉडल दे रहा है.
तकनीक अपनाएं, जिम्मेदारी निभाएं: आम नागरिक के लिए अहम संदेश
पीएम मोदी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल सेवाओं का सही इस्तेमाल करें, फेक न्यूज से बचें और ऑनलाइन सुरक्षा का ध्यान रखें. उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, ताकि समाज में भरोसा बना रहे.
अंगदान की ताकत: आलिन शेरिन की कहानी ने झकझोरा दिल
‘मन की बात’ के दौरान पीएम मोदी भावुक भी दिखे.उन्होंने केरल की नन्हीं आलिन शेरिन अब्राहम का जिक्र किया, जिसने दुनिया से जाते-जाते अंगदान कर कई लोगों को नई जिंदगी दी. पीएम मोदी ने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है. एक व्यक्ति के अंगदान से कई जिंदगियां बच सकती हैं. समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाएं और परिवार में इस पर चर्चा करें.
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