Prabowo Subianto Indian DNA: भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि हजारों सालों पुरानी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। वहीं इसी रिश्ते को एक नया भावनात्मक आयाम उस समय मिला है, जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सार्वजनिक मंच से कहा कि उन्होंने अपना DNA टेस्ट करवाया और उसमें भारतीय मूल (Indian DNA) के संकेत मिले हैं। जिसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद इसी वजह से भारतीय संगीत सुनते ही उनका शरीर खुद-ब-खुद थिरकने लगता है।
जानकारी के लिए बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति सुबियांतो का यह बयान चर्चा का विषय बन गया। जिसमें पीएम मोदी ने भी इस पर गर्मजोशी से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति का यह बयान करोड़ों भारतीयों के दिल को छू गया।
‘DNA टेस्ट में मिला भारतीय कनेक्शन’
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने अपने संबोधन में बताया कि भारत की राजकीय यात्रा से पहले उन्होंने जीनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) टेस्ट कराया था। इस टेस्ट में उन्हें भारतीय मूल से जुड़ा DNA मिलने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा, “मैंने अपना DNA टेस्ट करवाया और मुझे पता चला कि मुझमें भारतीय DNA है। शायद इसी कारण जब भी मैं भारतीय संगीत सुनता हूं तो मेरा शरीर अपने आप झूमने लगता है।” उनका यह बयान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया और जोरदार तालियां बजीं।
PM मोदी के लिए जताई खुलकर प्रशंसा
राष्ट्रपति सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर तारीफ की है। जिसमें उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पीएम मोदी के प्रशंसक रहे हैं और राष्ट्रपति बनने से पहले ही उन्होंने मोदी सरकार की कई नीतियों का अध्ययन किया था। उन्होंने हंसते हुए कहा, “राजनीतिक नेताओं को अगर मंच और माइक मिल जाए तो वे जल्दी हटना नहीं चाहते। लेकिन मैं भारत की राजनीति में दखल नहीं दे रहा हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से नरेंद्र मोदी जी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने पीएम मोदी की कई नीतियों को अपनाया है और मजाकिया अंदाज में कहा कि उन नीतियों पर कोई कॉपीराइट नहीं था, इसलिए उन पर कोई मुकदमा भी नहीं चल सकता।
‘पांच चुनाव लड़ा, चार बार हारा’
राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा कि वह पेशेवर राजनेता नहीं हैं। उन्होंने बताया, “मैंने पांच आम चुनावों में हिस्सा लिया और चार बार हार गया, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ता रहा।” उनके इस बयान को भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सराहा।
भारत से सीखने की बात कही
राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा कि इंडोनेशिया को भारत के विकास और अनुभव से सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सभ्यता और संस्कृति के बीच गहरा संबंध है।
- इंडोनेशिया की संस्कृति पर भारतीय सभ्यता का गहरा प्रभाव है।
- इंडोनेशियाई भाषा के लगभग 50 प्रतिशत शब्द संस्कृत से जुड़े हुए हैं।
- देश में आज भी अनेक लोगों के नाम संस्कृत से प्रेरित हैं।
- दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते सदियों पुराने हैं।
PM मोदी ने दिया भावुक जवाब
Prabowo Subianto Indian DNA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने यह बात पहले भी कही थी और इस बार भी दोहराई है। पीएम मोदी ने कहा, “आपने कहा कि आपके अंदर भारत का डीएनए है। उस समय भी इस बात पर सबसे ज्यादा तालियां बजी थीं और आज भी आपने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया।” उन्होंने आगे कहा, “यह DNA केवल आनुवंशिकी का नहीं बल्कि विश्वास, साझा विरासत, संस्कृति और मित्रता का डीएनए (DNA) है।” पीएम मोदी के इस जवाब को भी लोगों ने खूब सराहा।
भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को मिली नई मजबूती
दरअसल दोनों नेताओं की मुलाकात केवल सांस्कृतिक रिश्तों तक सीमित नहीं रही। इस दौरान कई अहम रणनीतिक और रक्षा सहयोग पर भी सहमति बनी।
भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और सैन्य सहयोग को नई दिशा देने पर चर्चा की।
ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सप्लाई पर सहमति
भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली है। जिसमें दोनों देशों ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल की आपूर्ति पर सहमति जताई है। यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इससे समुद्री सुरक्षा, सैन्य सहयोग और क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही दोनों देशों के रक्षा संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते क्यों हैं खास?
भारत और इंडोनेशिया के संबंध हजारों साल पुराने माने जाते हैं। इनकी प्रमुख विशेषताएं—
- रामायण और महाभारत की परंपरा आज भी इंडोनेशिया में लोकप्रिय है।
- बाली सहित कई क्षेत्रों में हिंदू संस्कृति की झलक दिखाई देती है।
- संस्कृत भाषा का प्रभाव आज भी इंडोनेशियाई शब्दावली में मौजूद है।
- व्यापार, संस्कृति और समुद्री संपर्क दोनों देशों को ऐतिहासिक रूप से जोड़ते रहे हैं।
DNA वाले बयान की क्यों हो रही चर्चा?
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का DNA वाला बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ने सार्वजनिक मंच से भारत के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का इतना भावनात्मक उल्लेख किया। हालांकि उन्होंने यह बात सांस्कृतिक और भावनात्मक संदर्भ में कही। इसे भारत और इंडोनेशिया के गहरे ऐतिहासिक संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
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