Pulwama Attack Mastermind Killed: पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान उर्फ ‘डॉक्टर’ की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बता दें की यह हमला मुजफ्फराबाद में हुआ है, जहां हमजा अपने ऑफिस में मौजूद था। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने बेहद करीब से उसके सिर में कई गोलियां मारीं हैं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल था और वह आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल था।
ऑफिस में घुसकर की गई हत्या
जानकारी के अनुसार हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद स्थित अपने ऑफिस में बैठा हुआ था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और अचानक उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है की हमलावरों ने उसे बेहद नजदीक से गोली मारी है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमले के पीछे कौन लोग थे। जिसमें पाकिस्तान की ओर से भी इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
खुद को शिक्षक बताकर छिपाता था पहचान
हमजा बुरहान अपनी असली पहचान छिपाने के लिए पाकिस्तान में खुद को शिक्षक बताता था। वह एक स्कूल में प्रिंसिपल के रूप में भी काम कर रहा था। जिसमें सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि स्कूल से जुड़ी उसकी पहचान सिर्फ एक कवर थी, ताकि वह आसानी से आतंकी गतिविधियों को संचालित कर सके। बताया जाता है कि वह लो-प्रोफाइल रहकर काम करता था और इसी वजह से लंबे समय तक एजेंसियों की नजरों से बचा रहा।
पुलवामा का रहने वाला था हमजा
हमजा बुरहान का असली नाम अरजुमंद गुलजार डार था। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। साल 2017 में वह पाकिस्तान चला गया था और वहां जाकर आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ में शामिल हो गया। भारत सरकार ‘अल बद्र’ को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है। हमजा संगठन में कमांडर स्तर की भूमिका निभा रहा था और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का काम करता था।
युवाओं को आतंकवाद के लिए करता था तैयार
खुफिया सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान का मुख्य काम युवाओं को भड़काकर आतंकी संगठनों में भर्ती कराना था। वह सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाता था। इसके अलावा वह सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाता था। बताया जाता है कि वह PoK में कई आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग भी दे रहा था।
ISI ने दिया था सुरक्षा कवच
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने हमजा को सुरक्षा और संसाधन उपलब्ध कराए थे। मुजफ्फराबाद में उसे ऑफिस दिया गया था और उसकी सुरक्षा में AK-47 से लैस गार्ड तैनात रहते थे। बताया जाता है कि वह भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था। उसके नेटवर्क का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए किया जाता था।
कई आतंकी मामलों में था शामिल
हमजा बुरहान का नाम कई आतंकी मामलों में सामने आया था। जांच एजेंसियों का कहना है की वह पुलवामा में विस्फोटक सप्लाई, CRPF पर ग्रेनेड हमलों की साजिश, युवाओं को आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ में भर्ती कराने और सीमा पार घुसपैठ में सक्रिय भूमिका निभाता था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।

पुलवामा हमला जब दहल उठा था देश
आपकी जानकारी के लिए बता दें की 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में देश के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक हुआ था। दोपहर करीब 3:15 बजे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV को CRPF के काफिले की बस से टकरा दिया था।
इस आत्मघाती हमले में 40 से ज्यादा CRPF जवान शहीद हो गए थे। यह हमला 1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक आतंकी हमला माना गया। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
भारत ने किया था बालाकोट एयर स्ट्राइक
पुलवामा हमले के जवाब में भारत ने 26 फरवरी 2019 को बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर एयर स्ट्राइक की थी। भारत ने दावा किया था कि इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए थे। बालाकोट एयर स्ट्राइक को आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी जवाबी कार्रवाई माना गया।
मुजफ्फराबाद बना आतंकी गतिविधियों का केंद्र
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का मुजफ्फराबाद लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है। यहां कई आतंकी संगठनों के ठिकाने होने की बात सामने आती रही है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आतंकी संगठन इसी इलाके से ट्रेनिंग, फंडिंग और घुसपैठ की साजिशों को अंजाम देते हैं। हमजा बुरहान भी इसी नेटवर्क का अहम हिस्सा था।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता?
हालांकि हमजा बुरहान की हत्या किसने की, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे आतंक के नेटवर्क को बड़ा झटका मान रहे हैं। पुलवामा हमले से जुड़े एक बड़े नाम का खत्म होना आतंकी संगठनों के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमले के पीछे कौन लोग थे और क्या इसके तार आतंकी संगठनों के अंदरूनी संघर्ष से जुड़े हैं।
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