Modi-Trump Meeting G7 Summit 2026: फ्रांस में आयोजित G7 समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आमने-सामने बैठकर अहम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बताया जा रहा है दोनों नेताओं की यह मुलाकात 17 जून को होने वाली है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दों के बीच होने वाली यह बैठक भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार अमेरिकी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप G7 समिट के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक को लेकर दुनियाभर के राजनीतिक और आर्थिक एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी हुई हैं। जिसमें माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।
फ्रांस में जुटेंगे दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता
G7 समिट दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस साल फ्रांस में आयोजित हो रही समिट में अमेरिका, भारत सहित कई देशों के शीर्ष नेता भाग लेने वाले हैं। वैश्विक चुनौतियों और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है।
व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को वॉशिंगटन से रवाना होंगे और फ्रांस के एवियन शहर पहुंचेंगे। वहां वह G7 देशों के नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
आर्थिक विकास और AI पर रहेगा विशेष फोकस
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप G7 नेताओं के साथ आर्थिक विकास, वैश्विक साझेदारी, सप्लाई चेन मजबूती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाने, आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
दुनिया भर में तेजी से बढ़ती AI तकनीक और उससे जुड़े अवसरों व चुनौतियों को लेकर भी समिट में महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में बड़े निवेश और तकनीकी सहयोग की दिशा में काम कर रहे हैं।
मैक्रों और जेलेंस्की से भी मिलेंगे ट्रंप
फ्रांस पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की पहली द्विपक्षीय बैठक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होगी। इसके बाद वह G7 नेताओं के साथ आधिकारिक स्वागत समारोह और वर्किंग डिनर में भाग लेंगे।
समिट के दौरान ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ भी विशेष बैठक करेंगे। रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे इस बातचीत का प्रमुख हिस्सा रह सकते हैं। इसके अलावा कतर के अमीर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के साथ भी उनकी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे साफ है कि ट्रंप इस समिट को वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

मोदी-ट्रंप बैठक क्यों है खास?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली बैठक को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस मुलाकात में रक्षा सहयोग, उन्नत तकनीक, सेमीकंडक्टर निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी दोनों नेता अपने विचार साझा कर सकते हैं।
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देश कई महत्वपूर्ण सैन्य समझौतों और संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत कर चुके हैं। ऐसे में इस बैठक से नए सहयोगी कदमों की उम्मीद की जा रही है।
निवेश और व्यापार पर हो सकती है बड़ी चर्चा
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को लेकर चर्चा का विशेष महत्व है।
ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों नेता आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, तकनीकी निवेश बढ़ाने और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग को लेकर नई संभावनाओं पर विचार कर सकते हैं। भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने और अमेरिकी कंपनियों के लिए नए अवसरों पर भी बातचीत होने की संभावना है।
AI और टेक्नोलॉजी सहयोग पर रहेगा जोर
समिट के दौरान ट्रंप प्रमुख टेक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के साथ भी एक विशेष बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित होगी।
भारत और अमेरिका दोनों देशों ने AI, डिजिटल तकनीक और साइबर सुरक्षा को भविष्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है। ऐसे में मोदी और ट्रंप की बैठक में इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच अहम होगी वार्ता
दुनिया इस समय आर्थिक अनिश्चितता, क्षेत्रीय संघर्षों, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी बदलावों जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में भारत और अमेरिका जैसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेताओं की बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों नेता वैश्विक स्थिरता, आर्थिक विकास और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए साझा दृष्टिकोण पर चर्चा कर सकते हैं। यह बैठक आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक सहयोग की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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