Railway New Rule: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है। दरअसल, भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई तकनीक आधारित सेवा शुरू की है, जिससे अब नींद के कारण स्टेशन छूटने की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। जिससे लंबे सफर के दौरान कई यात्री गहरी नींद में सो जाते हैं और उनका गंतव्य स्टेशन निकल जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे की इस नई सुविधा का नाम डेस्टिनेशन अलर्ट सर्विस है, जिसे IRCTC के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। जिसमें यह सेवा खास तौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो रात में यात्रा करते हैं या अकेले सफर करते समय स्टेशन छूट जाने की चिंता में रहते हैं।
क्या है डेस्टिनेशन अलर्ट सर्विस
डेस्टिनेशन अलर्ट सर्विस एक ऐसी सुविधा है, जो ट्रेन के गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने से करीब 20 मिनट पहले यात्री के मोबाइल फोन पर वेक-अप अलार्म बजाती है। बता दें कि इस अलार्म की मदद से यात्री समय रहते जाग जाता है और आराम से अपना सामान लेकर उतर सकता है। इससे यात्रा के दौरान होने वाली घबराहट और असुविधा भी कम हो जाती है। बता दें कि इस सेवा की सबसे खास बात इसकी सटीक टाइमिंग है। जैसे ही ट्रेन आपके स्टेशन के पास पहुंचती है, आपके फोन पर अलार्म बजने लगता है। इससे यात्रियों को बार-बार खिड़की से बाहर देखने या किसी अन्य यात्री से पूछने की जरूरत नहीं पड़ती।

इंटरनेट के बिना भी करेगी काम
डेस्टिनेशन अलर्ट सर्विस इंटरनेट पर निर्भर नहीं है। यह सुविधा IVR (इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स) तकनीक पर आधारित है। वहीं, अगर आपके मोबाइल में इंटरनेट या डेटा कनेक्शन नहीं भी है, तब भी यह सेवा सही तरीके से काम करेगी। यही वजह है कि साधारण मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले यात्री भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
- अलार्म सेट करने का आसान तरीका
- अपने मोबाइल फोन से 139 नंबर डायल करें।
- अपनी पसंद की भाषा चुनें, जैसे हिंदी या अंग्रेजी।
- मेनू में दिए गए विकल्पों में से 7 नंबर चुनें, जो डेस्टिनेशन अलर्ट सेवा के लिए होता है।
- इसके बाद अपना 10 अंकों का पीएनआर नंबर दर्ज करें।
- अंत में 1 दबाकर अलार्म की पुष्टि करें। जिससे रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यात्री के मोबाइल पर एक कंफर्मेशन SMS भेजा जाता है। इसके बाद यात्री निश्चिंत होकर यात्रा के दौरान आराम कर सकता है, क्योंकि स्टेशन आने से पहले फोन खुद उसे जगा देगा।
यात्रियों को मिलेंगे कई फायदे
- चिंतामुक्त यात्रा: स्टेशन छूटने का डर खत्म हो जाएगा।
- आरामदायक सफर: यात्री बिना चिंता के सो सकते हैं।
- बैटरी की बचत: डेटा या जीपीएस ऑन रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- सभी के लिए उपयोगी: स्मार्टफोन और साधारण फोन, दोनों में काम करेगी।
कितना आएगा खर्चा
रेलवे की यह सुविधा पूरी तरह फ्री नहीं है, लेकिन इसके लिए बहुत मामूली शुल्क लिया जाता है। आमतौर पर इस सेवा का चार्ज करीब 3 रुपये से 10 रुपये के बीच होता है, जो सीधे मोबाइल बैलेंस से कट जाता है। इतनी कम कीमत में मिलने वाली यह सुविधा यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
यात्रियों की बड़ी समस्या का समाधान
दरअसल, लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि उनका स्टेशन रात में न निकल जाए। जिसमें खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और अकेले यात्रा करने वाले यात्री इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित रहते हैं। डेस्टिनेशन अलर्ट सर्विस इस समस्या का आसान और भरोसेमंद समाधान बनकर सामने आई है।
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