Saudi Arabia Ramadan Moon Sighting 2026: सऊदी अरब में मंगलवार 17 फरवरी 2026 की शाम रमज़ान 1447 हिजरी का चांद दिखाई देने के बाद पवित्र महीने की शुरुआत का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है. चांद दिखने की पुष्टि होते ही सऊदी अरब में बुधवार 18 फरवरी 2026 से पहला रोज़ा रखा जा रहा है. इस घोषणा के साथ ही मक्का-मदीना समेत पूरे खाड़ी क्षेत्र में रमज़ान की रौनक देखने को मिलने लगी है. मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ की तैयारियां शुरू हो गई हैं और बाजारों में भी रमज़ान की खरीदारी तेज हो गई है. रमज़ान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है. यह हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना होता है. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और ज्यादा से ज्यादा इबादत में समय बिताते हैं.
किन देशों में कब से शुरू होगा रमज़ान?
सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद आमतौर पर कई खाड़ी देश भी उसी तारीख से रमज़ान की शुरुआत करते हैं. इस बार भी सऊदी अरब के साथ खाड़ी देशों में रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो गया है. हालांकि, अज़रबैजान, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान और उज़्बेकिस्तान जैसे कुछ देशों ने यह घोषणा की है कि मंगलवार शाम को उनके यहां चांद नजर नहीं आया. इस वजह से इन देशों में रमज़ान गुरुवार से शुरू होगा.यानी वहां पहला रोज़ा गुरुवार को रखा जाएगा.
इस तरह अलग-अलग देशों में चांद दिखने के समय के अनुसार रमज़ान की शुरुआत में एक दिन का अंतर देखने को मिल रहा है. यह इस्लामी परंपरा के अनुसार सामान्य बात है, क्योंकि रमज़ान की शुरुआत चांद देखने पर ही निर्भर करती है.
क्यों अलग-अलग देशों में रमजान की तारीख अलग होती है?
अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि सऊदी अरब में रमजान पहले क्यों शुरू हो जाता है और भारत-पाकिस्तान में एक दिन बाद क्यों? इसका कारण है:
- चांद का दिखना भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है.
- हर देश में चांद दिखने का समय अलग हो सकता है.
- इस्लामी कैलेंडर चांद देखने पर आधारित होता है, न कि फिक्स तारीख पर.
इसी वजह से कई बार एक ही साल में अलग-अलग देशों में रमजान की शुरुआत अलग दिन होती है.
भारत में कब दिखेगा रमज़ान का चांद?
भारत में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यहां पहला रोज़ा कब रखा जाएगा.चांद देखने की प्रक्रिया खगोलीय स्थिति और स्थानीय दृष्टि पर निर्भर करती है. जानकारी के मुताबिक, 17 फरवरी को अमावस्या का दिन है. इस वजह से भारत में उसी दिन चांद दिखना संभव नहीं है. परंपरागत रूप से देखा जाए तो सऊदी अरब में रमज़ान की शुरुआत के लगभग 24 घंटे बाद भारत में चांद नजर आता है.
ऐसे में संभावना है कि भारत में बुधवार 18 फरवरी की शाम रमज़ान का चांद देखा जा सकता है. अगर बुधवार शाम चांद दिख जाता है तो भारत में पहला रोज़ा गुरुवार 19 फरवरी 2026 को रखा जाएगा.हालांकि, अंतिम फैसला भारत की रुईयत-ए-हिलाल कमेटी या स्थानीय चांद कमेटियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही माना जाएगा.
रमज़ान का धार्मिक और सामाजिक महत्व
रमज़ान सिर्फ रोज़ा रखने का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, धैर्य, दया और इबादत का समय माना जाता है. इस महीने में मुसलमान सुबह फज्र की नमाज़ से पहले सहरी करते हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ रोज़ा खोलते हैं. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार रमज़ान के महीने में कुरआन शरीफ का अवतरण हुआ था. इसलिए इस महीने में कुरआन पढ़ने और समझने पर विशेष जोर दिया जाता है. मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसमें कुरआन की तिलावत की जाती है.
साथ ही, इस महीने में जरूरतमंदों की मदद करना, दान देना और रिश्तों को मजबूत करना भी एक अहम हिस्सा माना जाता है. कई जगहों पर सामूहिक इफ्तार का आयोजन होता है, जहां लोग मिलकर रोज़ा खोलते हैं.
रमज़ान की तैयारियां तेज, बाजारों में बढ़ी रौनक
सऊदी अरब में चांद दिखते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है. खजूर, ड्राई फ्रूट्स, फलों और पारंपरिक खाने-पीने की चीजों की खरीदारी जोरों पर है.मक्का और मदीना में रमज़ान के दौरान उमरा करने वालों की संख्या भी बढ़ जाती है. भारत में भी रमज़ान को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, भोपाल, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में रमज़ान से पहले ही बाजार सजने लगते हैं. सेवइयां, खजूर, फल, ड्राई फ्रूट्स और इफ्तार के लिए खास पकवानों की खरीदारी शुरू हो जाती है.
रोज़ा रखने के पीछे की सोच
रोज़ा रखने का मकसद सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं है, बल्कि अपने अंदर धैर्य, संयम और आत्मनियंत्रण को मजबूत करना होता है. इस दौरान इंसान बुरी आदतों से दूर रहने की कोशिश करता है और ज्यादा से ज्यादा अच्छे काम करता है. धार्मिक विद्वानों के अनुसार रमज़ान इंसान को अपने गुनाहों से तौबा करने और खुद को बेहतर बनाने का मौका देता है. इस महीने में किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है.
भारत में रमजान की तैयारियां जोरों पर
भारत में रमजान की शुरुआत से पहले ही मुस्लिम इलाकों में खास तैयारियां शुरू हो गई हैं:
- मस्जिदों में सफाई और सजावट
- तरावीह की नमाज़ की व्यवस्था
- बाजारों में खजूर, सेवइयां और इफ्तार के सामान की खरीदारी
- गरीबों के लिए राशन और ज़कात की तैयारी
- दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई, भोपाल, कोलकाता जैसे शहरों में रमजान से पहले ही रौनक बढ़ गई है.



