टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में अब सिर्फ 9 दिन बचे हैं और इस वक्त टीम इंडिया दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जा रही है. हाल के प्रदर्शन देखें तो भारत का आत्मविश्वास काफी ऊंचा नजर आता है.अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाज़ी, कप्तान सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में लौटना और ईशान किशन व शिवम दुबे की लगातार दमदार पारियां टीम के लिए बड़ी राहत बनी हुई हैं.लेकिन इसी मजबूत टीम के बीच संजू सैमसन नाम ऐसा है, जिसको लेकर सवाल लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
टीम मजबूत, लेकिन चिंता बरकरार
टीम इंडिया ने हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज़ अपने नाम की है. हालांकि विशाखापत्तनम में मिली हार के बावजूद टीम का संतुलन मजबूत दिखा.
इसके बावजूद चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की सबसे बड़ी चिंता संजू सैमसन का फॉर्म बना हुआ है.
टी-20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले किसी बल्लेबाज़ का लगातार रन न बना पाना टीम के लिए चिंता का कारण बन जाता है.
आंकड़े बढ़ा रहे चिंता,4 पारियों में सिर्फ 40 रन
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ में संजू सैमसन का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका.
पिछली चार पारियों में उनके आंकड़े कुछ इस तरह रहे:
- नागपुर – 10 रन
- रायपुर – 6 रन
- गुवाहाटी – 0 रन
- विशाखापत्तनम – 24 रन
इन चार पारियों में संजू कुल सिर्फ 40 रन ही बना सके, यानी मध्यम रहा करीब 10 रन का. सबसे बड़ी बात यह रही कि वे एक बार भी 25 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाए.
पावर प्ले में जल्दी विकेट गिरना बना समस्या
संजू सैमसन से टीम को पावर प्ले में तेज शुरुआत की उम्मीद रहती है, लेकिन इस सीरीज़ में टीम इंडिया को हर बार शुरुआती ओवरों में उनका विकेट गंवाना पड़ा. इससे टॉप ऑर्डर पर दबाव बढ़ा और मध्यक्रम खिलाड़ी को जल्दी जिम्मेदारी संभालनी पड़ी.
हालांकि टीम के अन्य बल्लेबाज़ों ने हालात संभाल लिए, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में हर बार ऐसा होना आसान नहीं होता.
लंबे समय से नहीं आया बड़ा स्कोर
अगर संजू सैमसन के हाल के प्रदर्शन को देखें तो उनके आंकड़े थोड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. पिछली 5 पारियों में कोई अर्धशतक नहीं, पिछली 15 पारियों में सिर्फ 1 अर्धशतक ,हालांकि पिछली 20 पारियों में 3 शतक और 1 अर्धशतक जरूर हैं.
यानी संजू सैमसन का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. कभी वह शानदार शतक जड़ते हैं, तो कभी लगातार कई पारियां फ्लॉप हो जाती हैं.
शतकों ने दिलाई वापसी, अब फिर परीक्षा
पिछले डेढ़ साल में हैदराबाद, डरबन और जोहानिसबर्ग में खेली गई शतकीय पारियों ने संजू सैमसन का कद जरूर ऊंचा किया और इन्हीं शानदार पारियों के दम पर उन्होंने टी-20 टीम में टॉप ऑर्डर में वापसी की और शुभमन गिल की जगह अपनी जगह बनाई.
लेकिन अब वही संजू सैमसन फिर से खुद को साबित करने की स्थिति में खड़े हैं.
संजू के ऊपर बढ़ता जा रहा दबाव
टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले रन न बन पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक दबाव बढ़ा देता है. संजू सैमसन के लिए भी यह आसान दौर नहीं है. उन्हें पता है कि टीम में जगह पक्की करने के लिए एक बड़ी पारी कितनी जरूरी है. क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि संजू के ऊपर खुद का दबाव बढ़ रहा होगा, क्योंकि टीम में विकल्पों की कोई कमी नहीं है.
चयनकर्ताओं की नजर हर मैच पर
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले खेले जा रहे हर मुकाबले पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है. ऐसे में संजू सैमसन का हर मैच उनके लिए एक तरह का इम्तिहान बन गया है. चयनकर्ता यह देखना चाहेंगे कि दबाव में संजू किस तरह बल्लेबाज़ी करते हैं और क्या वे बड़े मंच के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार दिखा पा रहे हैं या नहीं.
टीम मैनेजमेंट का नजरिया
टीम मैनेजमेंट फिलहाल संजू सैमसन को लेकर संयम बरत रहा है. उनका मानना है कि संजू एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और बड़े मंच पर खुद को साबित करने की क्षमता रखते हैं.
हालांकि अगर टी-20 वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में भी उनका बल्ला नहीं चला, तो टीम संयोजन में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता.
फैंस की उम्मीदें अब भी है कायम
संजू सैमसन की सबसे बड़ी ताकत उनके फैंस हैं. सोशल मीडिया पर आज भी उनके समर्थक उम्मीद जता रहे हैं कि बड़ा टूर्नामेंट शुरू होते ही संजू का बल्ला बोलेगा. फैंस मानते हैं कि संजू जैसे खिलाड़ी को सिर्फ एक अच्छी पारी की जरूरत होती है, उसके बाद वह लगातार रन बना सकते हैं.
टी-20 वर्ल्ड कप में कितनी अहम होगी संजू की भूमिका?
टी-20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में हर खिलाड़ी की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. अगर संजू सैमसन फॉर्म में आते हैं, तो टीम इंडिया का बल्लेबाज़ी क्रम और भी खतरनाक हो सकता है.लेकिन अगर उनका खराब फॉर्म जारी रहा, तो टीम को मजबूरी में दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है.
अब सबकी नजरें संजू पर
कुल मिलाकर, टी-20 वर्ल्ड कप से पहले संजू सैमसन टीम इंडिया के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं. फैंस, एक्सपर्ट्स और चयनकर्ता सब यही देखना चाहते हैं कि क्या संजू इस मौके को अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बना पाएंगे या नहीं.



