Shivraj Singh Chouhan Assam Rally: असम में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने दौरे के दौरान बड़ा बयान देकर सियासी माहौल को और गरमा दिया है। जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, “जलने वाले जलते रहें, हम तो बहनों को पैसे देंगे।” यह बयान उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के तहत दी जा रही आर्थिक सहायता को लेकर दिया है। वहीं आज रविवार को उन्होंने असम की बोकाखाट और नाडुआर विधानसभा सीटों पर NDA उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित किया। उनके भाषण में विकास, रोजगार, महिलाओं की भागीदारी और कांग्रेस पर हमले प्रमुख मुद्दे रहे।
असम की संस्कृति और चाय की सराहना
दरअसल अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने असम की संस्कृति और यहां के लोगों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि असम एक अद्भुत राज्य है, जहां के लोग बेहद सरल, ईमानदार और देशभक्त हैं। जिसमें उन्होंने खासतौर पर असम की चाय का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी खुशबू पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है और हर सुबह की शुरुआत इसी से होती है। उन्होंने जनता को कई बार प्रणाम करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
बता दें कि सभा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने असम के साथ पांच बड़े “महापाप” किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 1947 के विभाजन के समय कांग्रेस असम को पाकिस्तान में शामिल करने के पक्ष में थी, लेकिन गोपीनाथ बोरदोलोई के संघर्ष के कारण असम भारत का हिस्सा बना रहा। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस पर सवाल उठाए और कहा कि उस समय असम को असहाय छोड़ दिया गया था। इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ, बेरोजगारी और परिवारवाद को भी कांग्रेस की नीतियों की बड़ी विफलता बताया।
एनडीए सरकार के विकास के वादे
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार असम के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य में 2 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। जिसमें उन्होंने यह भी कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी, जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर खास फोकस
शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में महिलाओं के सशक्तिकरण को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने ‘अरुणोदोई योजना’ का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उनका कहना था कि जब महिलाओं के हाथ मजबूत होंगे, तभी समाज और देश आगे बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 33% सीटों पर महिलाओं को मौका दिया जाएगा, जिससे राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

चाय बागान मजदूरों के अधिकारों की बात
असम के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें वर्षों से उनका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतने सालों तक काम करने के बावजूद मजदूरों को जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन मजदूरों को जमीन के पट्टे दे रही है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्के घर भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर गरीब को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर निशाना
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर ही आपसी संघर्ष चल रहा है और पार्टी कमजोर हो चुकी है। जिसमें उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा और एनडीए की स्थिति मजबूत है और जनता का समर्थन उन्हें मिल रहा है। उन्होंने अपने भाषण के अंत में असमी भाषा में “जोय अखोम, कांग्रेस खतम” कहकर जनता का उत्साह बढ़ाया।
चुनावी रणनीति और जनता से अपील
भाषण के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने विकास, रोजगार और सशक्तिकरण को चुनावी मुद्दा बनाया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दें ताकि राज्य में विकास की गति और तेज हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।
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