Silver Rate Today: चांदी की कीमतें एक बार फिर से भारी उतार–चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में चांदी ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रही है। साथ ही, बढ़ती इंडस्ट्रियल मांग, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ट्रेड वॉर की आशंका के चलते निवेशकों का रुझान चांदी की ओर बढ़ा है। इसी वजह से कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 22 जनवरी की सुबह चांदी करीब 93.25 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी है। वहीं, यह पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 0.66 फीसदी ज्यादा है। इससे पहले 20 जनवरी को कॉमेक्स (COMEX) पर चांदी ने 95.53 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई बनाया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और ट्रेड तनाव बढ़ने से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। इसका सीधा फायदा चांदी जैसी कीमती धातुओं को मिल रहा है।
भारत में चांदी के भाव
बता दें कि, भारत में भी चांदी के भाव ऊंचे बने हुए हैं। जिसमें इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 21 जनवरी को शाम 6:30 बजे चांदी का रेट 3,19,097 रुपये प्रति किलो रहा। यह पिछले भाव 3,09,345 रुपये प्रति किलो के मुकाबले करीब 3.06 फीसदी ज्यादा है। वहीं, इससे साफ है कि घरेलू बाजार में भी चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
MCX पर क्या है स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को चांदी 3,20,811 रुपये प्रति किलो पर खुली। हालांकि शुरुआती कारोबार में इसमें हल्की गिरावट देखने को मिली है और सुबह 9:45 बजे तक भाव 3,18,429 रुपये प्रति किलो तक आ गया। वहीं, यह गिरावट ज्यादा बड़ी नहीं मानी जा रही है। इससे पहले 21 जनवरी को MCX पर चांदी ने 3,35,521 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड हाई छुआ था। यानी बाजार में अब भी तेजी का माहौल बना हुआ है।

कीमतें क्यों बढ़ रही हैं
- दरअसल, एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं।
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयान
- यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी
- वैश्विक स्तर पर बढ़ता ट्रेड वॉर का डर
इन सभी वजहों से निवेशकों में चिंता बढ़ी है। वहीं, ऐसे समय में लोग शेयर बाजार या जोखिम भरे निवेश से निकलकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर जाते हैं। सोने के साथ-साथ चांदी को भी सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए इसकी मांग बढ़ी है।
बड़े शहरों में चांदी के भाव
बता दें कि, देश के बड़े शहरों में चांदी के दाम लगभग एक जैसे ही हैं। हालांकि स्थानीय टैक्स, ज्वैलर्स का मार्जिन और लॉजिस्टिक्स खर्च की वजह से कुछ शहरों में मामूली फर्क देखने को मिल सकता है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे शहरों में चांदी का रेट लगभग समान दायरे में बना हुआ है।
आगे क्या रहेगा चांदी का भाव
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे चांदी की कीमतें किस दिशा में जाएंगी। Augmont की 21 जनवरी की बुलियन रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी ने 95 डॉलर का अहम स्तर पार कर लिया है। अब बाजार की नजर कुछ अहम फैक्टर्स पर टिकी है, जैसे
- यूरोप की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया
- डावोस में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चर्चाएं
- अमेरिका के GDP और महंगाई (Inflation) से जुड़े आंकड़े
इन आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाओं से चांदी की आगे की चाल तय होगी। अगर अनिश्चितता और तनाव बना रहता है, तो चांदी की कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर हालात सुधरते हैं, तो कुछ मुनाफावसूली भी हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि, चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वहीं,लंबे समय के निवेशक धीरे-धीरे निवेश की रणनीति अपना सकते हैं। वहीं, शॉर्ट टर्म में निवेश करने वालों को बाजार पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
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