Deputy Chief Minister: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। जिसमें राज्य की सियासत से जुड़ी खबरों के बीच सुनेत्रा पवार का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि,उन्होंने डिप्टी CM बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। हालांकि अभी तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लगभग तय माना जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि यह फैसला महायुति सरकार के भीतर सत्ता संतुलन बनाए रखने और आगामी राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही,महाराष्ट्र में आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण चुनाव और राजनीतिक घटनाक्रम होने वाले हैं, ऐसे में यह कदम दूरगामी असर डाल सकता है।
उपमुख्यमंत्री बनना हुआ तह
बता दें कि, सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद संभालने के साथ-साथ आबकारी (एक्साइज) और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी अपने पास रख सकती हैं। वहीं,इन मंत्रालयों को सरकार में अहम माना जाता है, क्योंकि इनसे जुड़े फैसलों का सीधा असर राजस्व और युवा वर्ग पर पड़ता है। यदि ऐसा होता है तो सुनेत्रा पवार की भूमिका सरकार में काफी प्रभावशाली हो जाएगी। साथ ही, शपथ ग्रहण को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि, कल शनिवार शाम 5 बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो सकता है। हालांकि इसकी ऑफिशियल पुष्टि का इंतजार है। अगर यह कार्यक्रम तय समय पर होता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।वहीं, इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधानमंडल दल (CLP) की बैठक भी बुलाई गई है। यह बैठक कल शनिवार दोपहर 2 बजे होने वाली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक बेहद अहम होगी। इसमें नेतृत्व, संगठन और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की संभावना है। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद सुनेत्रा पवार के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
बजट से पहले आर्थिक नीतियों पर सीधी निगरानी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर भी एक बड़ी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि, वे आगामी बजट सत्र से पहले वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास ले सकते हैं। कहा जा रहा है कि बजट की तैयारियों और आर्थिक नीतियों पर सीधी निगरानी रखने के लिए यह फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो राज्य की वित्तीय नीतियों में मुख्यमंत्री की भूमिका और मजबूत हो जाएगी।

भविष्य की रणनीति
सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव NCP के वरिष्ठ नेताओं की ओर से रखा गया बताया जा रहा है। पार्टी के भीतर इसे भविष्य की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि संगठनात्मक स्तर पर एक मजबूत संदेश जाए और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़े। बताया जा रहा है कि, इस फैसले से पहले पवार परिवार के भीतर भी चर्चा हुई। परिवार और पार्टी नेताओं से बातचीत के बाद ही सुनेत्रा पवार ने इस जिम्मेदारी के लिए सहमति जताई। इससे यह संकेत मिलता है कि यह फैसला सोच-समझकर और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश
इस मामले में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनती हैं तो महायुति सरकार के भीतर नए समीकरण बन सकते हैं। इससे सहयोगी दलों के बीच तालमेल और मजबूत करने की कोशिश भी दिखाई देती है। साथ ही यह कदम महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें CLP बैठक और संभावित आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। जब तक सरकार या पार्टी की ओर से औपचारिक बयान नहीं आता, तब तक यह मामला चर्चाओं और अटकलों के दौर में ही रहेगा। लेकिन इतना तय है कि इस खबर ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक मायने निकल सकते हैं।
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