Cricket T20 World Cup Super-8: 20 टीमों के साथ शुरू हुआ आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुका है. ग्रुप स्टेज की गहमागहमी के बाद अब दुनिया की टॉप 8 टीमें ‘सुपर-8’ में अपनी जगह बना चुकी हैं. सह-मेजबान भारत और श्रीलंका की धरती पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट ने पहले ही कई बड़े उलटफेर देखे हैं. सबसे चौंकाने वाला झटका ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना रहा. वहीं कुछ अंडरडॉग टीमों ने बड़े नामों को मात देकर फैंस को हैरान कर दिया.अब असली जंग शुरू होने वाली है,सेमीफाइनल के चार टिकटों के लिए.
सुपर-8 में पहुंचीं टीमें और ग्रुप डिवीजन
सुपर-8 चरण के लिए टीमों को दो ग्रुपों में बांटा गया है. दिलचस्प बात यह है कि सीडिंग के आधार पर ग्रुप पहले से तय थे. यानी ग्रुप स्टेज के नतीजों के साथ ही यह साफ हो गया कि आगे किन-किन टीमों के बीच महामुकाबले देखने को मिलेंगे.
ग्रुप 1:
- भारत
- दक्षिण अफ्रीका
- वेस्टइंडीज
- जिम्बाब्वे
ग्रुप 2:
- पाकिस्तान
- श्रीलंका
- इंग्लैंड
- न्यूजीलैंड
इन दोनों ग्रुपों में मुकाबले राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होंगे.यानी हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी.
कब और कहां होंगे सुपर-8 के महामुकाबले?
आईसीसी के शेड्यूल के मुताबिक सुपर-8 के मुकाबले भारत और श्रीलंका के प्रमुख स्टेडियमों में खेले जाएंगे.बड़े शहरों में मैच रखे गए हैं ताकि फैंस को स्टेडियम में लाइव क्रिकेट का मजा मिल सके और टीवी-डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी करोड़ों दर्शक जुड़ सकें.
संभावित वेन्यू में भारत के मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, चेन्नई और श्रीलंका के कोलंबो, कैंडी में मैचों का फाइनल शेड्यूल आईसीसी की ओर से जारी किया जाएगा, जिसमें तारीख और टाइमिंग की पूरी जानकारी होगी.
ग्रुप 1:भारत की राह आसान या चुनौतीपूर्ण?
ग्रुप 1 में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे से होगा.कागजों पर देखें तो भारत और दक्षिण अफ्रीका इस ग्रुप की सबसे मजबूत टीमें मानी जा रही हैं.
- भारत vs दक्षिण अफ्रीका: यह मुकाबला ग्रुप का सबसे बड़ा मैच माना जा रहा है. दोनों टीमें संतुलित स्क्वॉड और दमदार गेंदबाजी के लिए जानी जाती हैं.
- भारत vs वेस्टइंडीज: कैरेबियाई टीम की टी20 में विस्फोटक बल्लेबाजी किसी भी दिन मैच पलट सकती है.
- भारत vs जिम्बाब्वे: जिम्बाब्वे को हल्के में लेना भारत के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इस टूर्नामेंट में उन्होंने बड़े उलटफेर किए हैं.
ग्रुप 1 से सेमीफाइनल की दौड़ में भारत और दक्षिण अफ्रीका को फेवरेट माना जा रहा है, लेकिन टी20 क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है.
ग्रुप 2: पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टक्कर
ग्रुप 2 को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जा सकता है, क्योंकि यहां चारों टीमें बेहद मजबूत हैं.
- पाकिस्तान vs इंग्लैंड: दोनों टीमों के बीच टी20 में कांटे की टक्कर देखने को मिलती है. पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी बनाम इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी. यह मुकाबला फैंस के लिए ट्रीट होगा.
- श्रीलंका vs न्यूजीलैंड: घरेलू हालात का फायदा श्रीलंका को मिल सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम दबाव में भी शांत रहकर खेलती है.
- पाकिस्तान vs श्रीलंका: एशियाई प्रतिद्वंद्विता का रंग इस मैच में देखने को मिलेगा.
इस ग्रुप में किसी भी टीम को बाहर करना मुश्किल है. यहां से सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर मैच करो या मरो जैसा होगा.
सेमीफाइनल का फॉर्मेट और क्वालिफिकेशन
सुपर-8 के बाद हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. सेमीफाइनल में ग्रुप 1 की टॉप टीम का मुकाबला ग्रुप 2 की दूसरी टीम से होगा और दूसरा सेमीफाइनल ग्रुप 2 की टॉप टीम और ग्रुप 1 की दूसरी टीम के बीच खेला जाएगा. इस फॉर्मेट से यह तय है कि फाइनल तक पहुंचने का रास्ता किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा.
ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना क्यों बना चर्चा का विषय?
इस टूर्नामेंट में सबसे बड़ा उलटफेर ऑस्ट्रेलिया का सुपर-8 में न पहुंच पाना रहा. पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन टीम का शुरुआती दौर में बाहर होना क्रिकेट फैंस के लिए हैरान करने वाला था. क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव, मिडिल ऑर्डर की कमजोरी या डेथ ओवर्स में गेंदबाजी की दिक्कत जैसे कारण ऑस्ट्रेलिया के बाहर होने की बड़ी वजह बनी.
फैंस में जबरदस्त उत्साह, स्टेडियम होंगे फुल
भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे वर्ल्ड कप को लेकर फैंस का क्रेज चरम पर है. Super-8 के लिए टिकटों की मांग तेजी से बढ़ रही है. खासकर भारत और पाकिस्तान से जुड़ा हर मुकाबला टीवी और स्टेडियम दोनों जगह रिकॉर्ड व्यूअरशिप ला सकता है.
खिलाड़ियों का फॉर्म बनेगा जीत-हार की कुंजी
टी20 क्रिकेट में किसी भी टीम की जीत-हार अक्सर दो-तीन खिलाड़ियों के फॉर्म पर निर्भर करती है. अगर टॉप ऑर्डर बल्लेबाज लगातार रन बनाते हैं और डेथ ओवर्स में गेंदबाज सटीक यॉर्कर डालते हैं, तो जीत आसान हो जाती है. सुपर-8 में हर टीम अपने इन-फॉर्म खिलाड़ियों पर भरोसा करेगी, क्योंकि यहां एक खराब मैच भी सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर सकता है.
सुपर-8 में हर टीम को अपने तीनों मुकाबले बेहद संभलकर खेलने होंगे.एक खराब दिन, एक गलत रणनीति या एक ओवर की गलती पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल सकती है. यही वजह है कि सुपर-8 को अक्सर “टूर्नामेंट का टर्निंग पॉइंट” कहा जाता है.



