Tamil Nadu Ammonia Gas Leak: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में आज रविवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया है। बताया जा रहा है की पेरियापालयम के पास कन्नीगापेर गांव स्थित एक सीफूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया है। इस हादसे में 65 से अधिक कर्मचारी गैस की चपेट में आ गए, जबकि इलाज के दौरान दो कर्मचारियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
फैक्ट्री में अचानक फैली जहरीली गैस
जानकारी के अनुसार, ‘सेंट पीटर्स पॉल सीफूड प्रोसेसिंग एंड एक्सपोर्ट कंपनी’ में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाली अमोनिया गैस अचानक लीक हो गई। गैस फैलते ही कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी, चक्कर और घबराहट महसूस होने लगी। कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कर्मचारी बाहर की ओर भागने लगे।
फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी उत्तर भारत के कई राज्यों से आए प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं। गैस के संपर्क में आने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
65 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित
बता दें की हादसे में 65 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी शामिल हैं। राज्य सरकार के मंत्री कुमार ने बताया कि गैस रिसाव से 60 महिलाएं और 4 पुरुष प्रभावित हुए हैं। इनमें से कई लोगों को सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई, जबकि कुछ कर्मचारी बेहोश भी हो गए।
डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती इलाज के बाद अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
इलाज के दौरान दो कर्मचारियों की मौत
अमोनिया गैस के प्रभाव से गंभीर रूप से प्रभावित दो कर्मचारियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस खबर के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने भी गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की मदद करने के निर्देश दिए हैं।

अस्पतालों में चल रहा इलाज
गैस रिसाव से प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें वेल्स प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और वेंकटेश्वर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल प्रमुख हैं। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की विशेष टीम ने सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छह कर्मचारी गैस के प्रभाव से बेहोश हो गए थे। वहीं, कुछ लोगों के नाक से खून आने की भी सूचना मिली। डॉक्टर लगातार मरीजों की निगरानी कर रहे हैं और उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।
तीन गंभीर मरीज चेन्नई रेफर
ऐसे में हादसे की गंभीरता को देखते हुए तीन गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए चेन्नई के स्टेनली गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर किया गया है। उन्हें विशेष एंबुलेंस की मदद से वहां पहुंचाया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि अमोनिया गैस के ज्यादा संपर्क में आने से फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए गंभीर मरीजों का विशेष उपचार किया जा रहा है।
क्या होती है अमोनिया गैस?
अमोनिया एक रंगहीन लेकिन तीखी गंध वाली गैस होती है, जिसका उपयोग कोल्ड स्टोरेज, आइस फैक्ट्री और सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के लिए किया जाता है। यदि यह गैस अधिक मात्रा में लीक हो जाए तो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
अमोनिया गैस के संपर्क में आने से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, चक्कर, उल्टी और गंभीर मामलों में बेहोशी तक हो सकती है। लंबे समय तक संपर्क रहने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
इलाके में दहशत का माहौल
हादसे के बाद कन्नीगापेर गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों और फैक्ट्री परिसर के बाहर जमा हो गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है।
स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
फैक्ट्री मालिक हिरासत में, FIR दर्ज
इस गंभीर हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती कार्रवाई के तहत फैक्ट्री के दो मालिकों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गैस रिसाव आखिर किस वजह से हुआ।
पुलिस और अन्य संबंधित विभाग तकनीकी जांच में जुटे हुए हैं। यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बनाई जांच समिति
जानकारी के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और तीन दिनों के अंदर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ये भी पढ़ें: PM Modi Delhi Airport: NEET छात्रों के लिए मिसाल बने पीएम मोदी, दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट तक किया इंतजार



