Cough Syrup Alert: मध्य प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत की खबरें सामने आई है। सुरक्षित को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सतर्कता को पहले से भी अधिक बढ़ा दिया है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उक्त सिरप की बिक्री और वितरण तत्काल रोक दिए जाए।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश समेत महाराष्ट्र-केरल-तमिलनाडु में कफ सिरप पर रोक लगा दिया है। महाराष्ट्र FDA ने कोल्ड्रिफ सिरप (बैच SR-13) की बिक्री और उपयोग दोनों तरह से रोक लगा दी है।
सिरप में जानलेवा रसायन
सहायक आयुक्त औषधि, दिनेश कुमार तिवारी ने रविवार को आदेश जारी करते हुए बताया कि मेसर्स स्रेशन फार्मास्यूटिकल के खास बैच के कोल्ड आरआईएफ़ सिरप में डाईएथिलीन ग्लाइकाल और एथेलिन ग्लाइकाल जैसे विषैले रसायनों की मौजूदगी हो सकती है। यह रसायन बच्चों की सेहत के लिए काफी खतरनाक साबित हैं। इनके सेवन से शरीर पर जानलेवा असर हो सकता है।
स्टॉक का नमूना की होगी जांच
ऐसे में सभी औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित बैच की बिक्री और वितरण तुरंत रोक दें। दुकानों और अस्पतालों में उपलब्ध स्टॉक का नमूना लखनऊ स्थित राज्य औषधि प्रयोगशाला में भेजा जाए। हर जिले में औषधियों की उपलब्धता की जांच की जाएगी और नमूने इकट्ठा कर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज होगी।

कफ सिरप का प्रयोग पूर्णतः बंद
योगी सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। जांच रिपोर्ट आने तक उक्त कफ सिरप का प्रयोग पूर्णतः बंद रखा जाए। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी उत्पादकों और वितरकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में विषैले रसायनों का सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए माता-पिता और देखभालकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वह इस बैच का कोई भी कफ सिरप अपने बच्चों को न दें।
सरकारी और निजी अस्पतालों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार पूरे प्रदेश में औषधि विक्रेताओं, सरकारी और निजी अस्पतालों की निगरानी बनाई हुई है। किसी भी अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे अपने घरों में मौजूद कफ सिरप का बैच नंबर जांचें और संदिग्ध सिरप का उपयोग न करें। ऐसा करने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित जानलेवा घटना को रोकना है।
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