Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे लगातार अपनी प्रीमियम ट्रेन सेवाओं को आधुनिक बनाने पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में (Vande Bharat Sleeper Train 2026) को लंबी दूरी और रात के सफर के लिए तैयार किया जा रहा है। अब रेलवे की योजना इन ट्रेनों का बड़े पैमाने पर विस्तार करने की है। योजना के अनुसार कुल 260 वंदे भारत स्लीपर रेक तैयार किए जाएंगे। इससे देश के कई लंबे रूट्स पर यात्रियों को रात में तेज और आधुनिक ट्रेन से सफर करने का विकल्प मिल सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं इसकी खासियत
चार कंपनियां तैयार करेंगी 260 स्लीपर रेक
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों और रेलवे की उत्पादन इकाइयों को दी गई है। योजना के मुताबिक BEML 10, Integral Coach Factory (ICF) 50, Kinet Railway Solutions (KRS) 120 और Titagarh-BHEL 80 रेक तैयार करेंगे।
वहीं, BEML को शुरुआती 10 ट्रेनसेट बनाने की जिम्मेदारी मिली है। ये ट्रेनें 16 कोच की होंगी। वहीं चेन्नई स्थित ICF 50 ट्रेनसेट तैयार करेगा। ICF के ट्रेनसेट 24 कोच वाले होंगे और इनमें पैंट्री कार भी शामिल की जाएगी।
लातूर में बनेंगे 120 ट्रेनसेट
रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूस की कंपनी Transmashholding की जॉइंट वेंचर Kinet Railway Solutions को 120 ट्रेनसेट बनाने हैं। इनका निर्माण महाराष्ट्र के लातूर में किया जाएगा। प्रत्येक ट्रेन में 16 कोच होंगे।
इन ट्रेनों का निर्माण शुरू हो चुका है। प्रोटोटाइप तैयार करने की समयसीमा में भी बदलाव किया गया है। पहले प्रोटोटाइप को जून 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है।
180 Kmph होगी डिजाइन स्पीड
वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper 2026) को सेमी-हाई-स्पीड ओवरनाइट ट्रेन के रूप में डिजाइन किया गया है। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई है, जबकि वास्तविक परिचालन गति रूट और रेलवे ट्रैक की क्षमता के आधार पर करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
बता दें इस ट्रेन में पारंपरिक ट्रेनों की तरह अलग इंजन के बजाय Distributed Power System का इस्तेमाल किया गया है। यानी ट्रेन के अलग-अलग कोच में मोटर और पावर सिस्टम लगाए गए हैं। इससे ट्रेन तेजी से गति पकड़ने और जरूरत पड़ने पर बेहतर तरीके से ब्रेक लगाने में सक्षम होती है।
राजधानी से भी अलग होगा सफर का अनुभव
वंदे भारत स्लीपर का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी यात्री सुविधाएं हैं। मौजूदा 16-कोच वाले प्रोटोटाइप में 11 AC 3-Tier, 4 AC 2-Tier और 1 AC First Class कोच शामिल हैं।
ट्रेन में यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए कुशन वाली बर्थ और ऊपरी बर्थ तक आसानी से पहुंचने के लिए बेहतर डिजाइन दिया गया है। रात के सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए इसमें नाइट लाइटिंग, रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट, डिस्प्ले पैनल और इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा ट्रेन में CCTV कैमरे, मॉड्यूलर पैंट्री और रिफ्रेशमेंट टेबल जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। यानी यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में बेहतर सुविधा देने की कोशिश की गई है।
फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए खास सुविधा
वंदे भारत स्लीपर के AC First Class कोच में यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शॉवर और गर्म पानी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं ट्रेन में Bio-Vacuum Toilet की व्यवस्था की गई है।
दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है और उनके लिए अलग वॉशरूम उपलब्ध कराया गया है। कोचों के बीच सुरक्षित और सील्ड गैंगवे दिए गए हैं, जबकि ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग डोर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाते हैं।
सुरक्षा के लिए भी आधुनिक तकनीक
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सुरक्षा को लेकर भी कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कवच सिस्टम, Regenerative Braking System, Centralized Coach Monitoring System और Emergency Communication System जैसे फीचर शामिल हैं।
कवच जैसी तकनीक ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने में मदद करती है, जबकि रिजनरेटिव ब्रेकिंग ऊर्जा की बचत में उपयोगी होती है। सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए ट्रेन के अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखी जा सकती है।

कब और कहां चलेंगी नई वंदे भारत स्लीपर?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों (Vande Bharat Sleeper Train 2026) का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। जिसमें कुछ ट्रेनें पहले ही सेवा में शामिल हो चुकी हैं और अन्य ट्रेनसेट की टेस्टिंग व निर्माण प्रक्रिया जारी है। हालांकि, 260 रेक तैयार होने के बाद कौन-कौन से रूट पर ट्रेनें चलेंगी, इसकी पूरी सूची रेलवे की ओर से अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
नई सेवाएं शुरू करने से पहले ट्रेनसेट की टेस्टिंग, सुरक्षा प्रमाणन और संबंधित रेल रूट की क्षमता की जांच पूरी करनी होगी। ऐसे में आने वाले समय में वंदे भारत स्लीपर लंबी दूरी की रात वाली रेल यात्रा का एक नया विकल्प बन सकती है।
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