Rajasthan News: राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों (Rajasthan Nikay Chunav Result 2026) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चेयरपर्सन, प्रेसिडेंट और मेयर के पदों पर मजबूत प्रदर्शन किया है। बता दें अब तक घोषित नतीजों के अनुसार बीजेपी ने 197 निकायों में शीर्ष पदों पर जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस को 94 पद मिले हैं। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP), CPM और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने एक-एक पद पर जीत हासिल की है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान में कुल 301 शहरी स्थानीय निकायों के उन चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिनमें निकाय प्रमुख का चुनाव पूरा हो गया है। आज सोमवार को 273 शहरी स्थानीय निकायों में मेयर, चेयरपर्सन और प्रेसिडेंट के चुनाव कराए गए। वहीं चुनाव कार्यक्रम में शामिल 32 निकायों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
BJP ने 197 निकायों में हासिल किए शीर्ष पद
राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन कांग्रेस के मुकाबले काफी मजबूत रहा। उपलब्ध नतीजों के अनुसार बीजेपी ने 197 निकायों में मेयर, चेयरपर्सन या प्रेसिडेंट का पद जीता है। कांग्रेस के खाते में 94 पद आए हैं। इस तरह दोनों प्रमुख दलों के बीच शीर्ष पदों के मामले में बड़ा अंतर देखने को मिला।
निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कई जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने धौलपुर, हनुमानगढ़, सादुलशहर, सूरजगढ़, टोडाभीम, रियानबाड़ी और फतेह नगर-सनवाड़ में निकाय प्रमुख के पद पर जीत हासिल की है। वहीं, बारां में AAP की शीतल राठौर, नोखा में CPM के बजरंगलाल और मुंडवा में RLP की अल्का ने निकाय प्रमुख का चुनाव जीता।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड विजय के उपलक्ष्य में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित आभार कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। भारतीय जनता पार्टी पर अपना अटूट विश्वास प्रकट करने और प्रचंड विजय का आशीर्वाद देने के लिए राजस्थान की देवतुल्य जनता का कोटिशः आभार!
प्रदेश की जनता का… pic.twitter.com/mDcolzYTQy
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 21, 2026
पार्षद चुनाव में भी BJP आगे
निकाय प्रमुख के चुनाव से पहले हुए वार्ड चुनावों में भी बीजेपी ने सबसे ज्यादा वार्ड जीते थे। राजस्थान के 10,244 चुनावी वार्डों में बीजेपी के उम्मीदवारों ने 4,182 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस ने 3,619 वार्ड जीते, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्डों में जीत हासिल की। हालांकि निर्दलीय पार्षदों की संख्या काफी अधिक रही, लेकिन निकाय प्रमुख के पदों पर उनका प्रदर्शन सीमित रहा। कुल 7 शीर्ष पद ही निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में आए। इससे साफ है कि पार्षदों के स्तर पर मिले समर्थन को निकाय प्रमुख के चुनाव में उसी अनुपात में बदलना उनके लिए चुनौती रहा।
#Live:- नगर निकाय चुनाव में प्रचंड जीत के उपलक्ष्य में आभार कार्यक्रम, जयपुरhttps://t.co/zvWRG6s6qE
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7 में से 6 नगर निगमों में BJP की जीत
राजस्थान में अब तक जिन 7 नगर निगमों के मेयर चुनाव के नतीजे सामने आए हैं, उनमें बीजेपी ने 6 पदों पर जीत हासिल की है। बीजेपी ने अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, पाली और उदयपुर नगर निगम में मेयर पद पर कब्जा किया। वहीं बीकानेर में कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
अजमेर नगर निगम का चुनाव भी खास रहा। यहां कांग्रेस के पास 37 पार्षद थे, जबकि बीजेपी के 32 पार्षद थे। इसके बावजूद बीजेपी की अनामिका शर्मा ने मेयर का चुनाव जीत लिया। वहीं भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों के पास 65 में से 36 वार्ड थे, लेकिन बीजेपी की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर चुनी गईं।
ऐसे में इन नतीजों से पता चलता है कि निकाय प्रमुख के चुनाव में सिर्फ पार्षदों की संख्या ही निर्णायक नहीं रही, बल्कि चुनाव के दौरान बने राजनीतिक समीकरणों की भी अहम भूमिका रही।
जयपुर, जोधपुर और कोटा के नतीजे बाकी
राजस्थान के तीन बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर पद के चुनाव अभी बाकी हैं। इन चुनावों के लिए 25 सितंबर की तारीख तय है। इसके अलावा सुकेत नगरपालिका के चेयरपर्सन पद का चुनाव भी इसी दिन होना है।
राज्य में कुल 309 शहरी स्थानीय निकाय हैं। ऐसे में बाकी निकायों के नतीजे सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
BJP ने विकास योजनाओं को बताया जीत की वजह
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने निकाय चुनाव के नतीजों को भजनलाल शर्मा सरकार की विकास योजनाओं को जनता का समर्थन बताया। बीजेपी की ओर से इन नतीजों को सरकार के कामकाज से जोड़कर देखा गया है।
वहीं कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि उसके पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया गया। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस प्रतिनिधियों को हिरासत में लिया गया और उन पर पाबंदियां लगाई गईं। वहीं, बीजेपी ने भी कांग्रेस के इन आरोपों को खारिज किया है। मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी की ओर से सरकारी ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं किया गया।
25 सितंबर के चुनाव पर रहेगी नजर
राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच शीर्ष पदों को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। अब जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे प्रमुख नगर निगमों के मेयर चुनाव पर सभी की नजर है। 25 सितंबर को होने वाले इन चुनावों के बाद राजस्थान के शहरी निकायों में राजनीतिक स्थिति की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
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