VB-G RAM G: विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G को लेकर इन दिनों राजनीतिक विवाद छिड़ा हुआ है। दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र में पारित होने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी पर यह कानून बन चुका है। लेकिन वही, अभी तक विपक्ष के द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। उन्होंने इस कानून को अधिकारों पर हमला बताया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे “नोटबंदी जैसा विनाशकारी फैसला” भी कहा है।
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MGNREGA योजना को सरकार ने किया कमजोर
बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सरकार पर कई तरह के गंभीर आरोप भी लगाए है। उन्होंने कहा है कि VB-G RAM G के माध्यम से केंद्र सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) जैसी ऐतिहासिक योजना को कमजोर कर दिया है। राहुल का कहना है कि यह फैसला राज्यों से धन और निर्णय लेने की शक्ति छीनने जैसा है, जिसका सीधा असर गरीब और ग्रामीण आबादी पर होगा।

‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ की घोषणा
सरकार के इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने इस देशव्यापी आंदोलन करने का भी ऐलान किया है, जिसपर राहुल गांधी का कहना है कि 5 जनवरी 2026 से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन से ग्रामीण रोजगार के अधिकार की रक्षा की जाएगी और सरकार के फैसले के खिलाफ जनजागरण करना है।
वही, राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल से व्यापक चर्चा किए बिना मनरेगा को व्यावहारिक रूप से खत्म कर दिया है, जैसा के उन्होंने साल 2016 की नोटबंदी के समय में फैसला लिया था। उस समय भी सरकार ने एकतरफा फैसला लिया, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ा था।
मनरेगा की वैश्विक पहचान का दावा
अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह अधिकार-आधारित विकास मॉडल भी है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि खरगे ने करीब 16 देशों का दौरा किया था, जहां नीति निर्माताओं और नेताओं ने मनरेगा की जमकर प्रशंसा की थी। मनरेगा ने ग्रामीण भारत में रोजगार सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक स्थिरता में अहम योगदान देता है।
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