Banke Bihari Temple: उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में एक हैरान कर देने वाली खबर समने आई है। दरअसल, पहली बार मथुरा के ठाकुर बांके बिहारी जी को सुबह का बाल भोग और रात का शयन भोग नहीं लगाया गया। जिसका मुख्य इसका कारण हलवाई को बताया गया है। क्योंकि इस बार हलवााई को वेतन न मिलना की नारजगी भगवान बांके बिहारी पर ही जता दी।
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बता दें कि ठाकुर बांके बिहारी जी को प्रतिदिन चार भोग अर्पित किए जाते हैं और उनके लिए प्रिय भोग को ही विशेष तौर पर तैयार किया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी सिर्फ मयंक गुप्ता हलवाई की ही होती है।
इस वजह से नहीं बनाया गया भोग
मंदिर सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि मंदिर में भोग न लग पाने की वजह मंदिर के हलवाई मयंक गुप्ता को लंबे समय से वेतन न मिलना बताया गया है। खबरों के अनुसार, हलवाई को बांके बिहारी का प्रसाद व भोग तैयार करने के लिए प्रतिमाह लगभग 80 हजार रुपये तक सैलरी दी जाती है। लेकिन कुछ महीनों से वेतन नहीं दिया गया था। ऐसे में हलवाई के परिवारजनों को काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी वजह से हलवाई ने गुस्से में भोग तैयार नहीं किया।

बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन 4 समय भोग लगाया जाता है। जैसे कि
- सुबह बाल भोग
- दोपहर में राजभोग
- शाम का उत्थापन भोग
- रात का शयन भोग
ठाकुर जी को नहीं लगा भोग
सोमवार के दिन ठाकुर जी को बाल भोग और शयन भोग नहीं चढ़ पाया, जिससे मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा टूट गई। जिसके चलते कई सारे भक्त निराश दिखाई दिए। ठाकुर जी से और उनके भोग से लाखों श्रद्धालु की परंपरा से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।
ठाकुर जी के मंदिर परिसर में जब पुजारियों को भोग न लगने की बात पता चली, तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि ठाकुर जी की सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती है। ऐसे में मंदिर की हाई-पावर्ड कमेटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि हलवाई का बकाया वेतन जल्द से जल्द चुका दिया जाएगा।
कमेटी ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने देंगे और ठाकुर बांके बिहारी जी की भोग सेवा फिर से नियमित रूप से शुरू होगी।
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