80th Independence Day: भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने विचारों को देशवासियों के समक्ष रखें है। अपने संबोधन में उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं (Happy Independence Day) दीं और कहा कि तिरंगा हमारी आजादी और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि अब से कुछ ही घंटों बाद देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की शुरुआत होगी। देश और विदेश में रहने वाले भारतीय इस राष्ट्रीय पर्व को बहुत ही उत्साह और गर्व के साथ मनाते हैं। 15 अगस्त 1947 को भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और देशवासियों को अपने स्वतंत्र भारत की दिशा तय करने का अवसर मिला।
‘विद्यार्थी भारत के भविष्य के निर्माता’
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थी भारत के भविष्य के निर्माता हैं। जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार और समाज का एकजुट रहना जरूरी है, उसी तरह विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवा शक्ति की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा, कौशल और सही अवसरों के जरिए युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम योगदान दे सकते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सभी भारतवासियों का विकास और कल्याण ही विकसित भारत के निर्माण का वास्तविक लक्ष्य है। इसके लिए हम सब को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
सभी भारतवासियों का विकास और कल्याण ही विकसित भारत के निर्माण का वास्तविक लक्ष्य है। pic.twitter.com/M9ylPpa3QN
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 14, 2026
महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया
उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समानता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनके आदर्शों के अनुरूप वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत ने तेजी से समावेशी विकास (Overall Development) की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। देश ने अपनी विरासत और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए विकास में बाधा बनने वाले कई अवरोधों को दूर किया है।
लोकतंत्र में हर व्यक्ति की भूमिका अहम
राष्ट्रपति मुर्मू ने लोकतंत्र के अलग-अलग स्तंभों की जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे विधायिका में जनता की आकांक्षाओं को सामने रखें। कार्यपालिका की जिम्मेदारी जनहित और राष्ट्रहित की नीतियों को जमीन पर लागू करना है। वहीं न्याय व्यवस्था (Judicial system) से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि आर्थिक या सामाजिक अभाव के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। आज साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग भी अलग-अलग क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। इससे यह विश्वास मजबूत होता है कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।
आइए, देश प्रेम की इसी सर्व समावेशी भावना के साथ हम सब स्वतंत्र भारत को विकसित भारत बनाने की राष्ट्रीय-साधना में स्वयं को समर्पित करें। pic.twitter.com/801IHezBIp
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 14, 2026
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में जनभागीदारी (Public Participation in India) की भावना लंबे समय से मौजूद रही है। आज देशवासी इस भावना को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश के सामने आई चुनौतियों का भी जिक्र किया। आजादी के समय देश के विभाजन के गंभीर परिणामों के साथ 550 से अधिक रियासतों को भारत के साथ जोड़ना भी बड़ी चुनौती थी। सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए रियासतों के भारत में विलय का रास्ता तैयार किया और मजबूत लोकतांत्रिक भारत की नींव को मजबूती दी।
लाल किले पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्वतंत्रता दिवस समारोह (Independence Day Celebrations) को लेकर दिल्ली के लाल किले (Red Fort) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। समारोह के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया योजना तैयार की गई है। लाल किले और आसपास के इलाकों में 1,000 से अधिक AI आधारित CCTV कैमरे भी लगें हुए है। सुरक्षा एजेंसियों ने बेहतर तालमेल के लिए विभिन्न संबंधित विभागों के साथ मॉक ड्रिल (Mock Drill) भी की है।
पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में गूंजेगा ‘वंदे मातरम’
इस साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक खास बदलाव देखने को मिलेगा। समारोह में पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन होगा। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ (National Anthem ‘Jana Gana Mana’) गाया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram) की 150 साल पुरानी विरासत को याद करना और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और योगदान को रेखांकित करना है। लाल किले पर आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह (80th Independence Day Celebrations) का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
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