Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने इस फैसले की जानकारी दी। वीडियो में रहाणे अपने क्रिकेट सफर को याद करते हुए कई बार भावुक नजर आए और उनकी आंखें भी नम हो गईं। करीब डेढ़ दशक तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे रहाणे ने कहा कि अब उन्हें लगता है कि उनके क्रिकेट करियर के इस अध्याय को सम्मान के साथ समाप्त करने का सही समय आ गया है। उन्होंने अपने परिवार, कोच, साथी खिलाड़ियों, बीसीसीआई और करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका सफर यादगार रहा और वह हमेशा इस खेल के ऋणी रहेंगे।
भावुक वीडियो में क्या बोले रहाणे?
अपने विदाई संदेश में अजिंक्य रहाणे ने कहा,
“हर चीज का एक सही समय होता है और मुझे लगता है कि अब मेरे लिए आगे बढ़ने का समय आ गया है। मैंने इस खेल को अपना सबकुछ दिया। भारतीय टीम की जर्सी पहनना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा।”
उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने सभी कोच, टीम के साथियों और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। सबसे भावुक पल तब आया जब उन्होंने अपनी पत्नी और परिवार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा और उसी ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। वीडियो के दौरान उनकी आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए।
भारतीय क्रिकेट का शांत और भरोसेमंद चेहरा
अजिंक्य रहाणे उन खिलाड़ियों में रहे जिन्हें हमेशा शांत स्वभाव, अनुशासन और जिम्मेदार बल्लेबाजी के लिए जाना गया। जब टीम मुश्किल परिस्थितियों में होती थी, तब अक्सर रहाणे ही पारी को संभालते नजर आते थे। विदेशी परिस्थितियों, खासकर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसे देशों में उनकी बल्लेबाजी की काफी सराहना हुई। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका धैर्य और तकनीक उन्हें भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद बल्लेबाज बनाती थी।
कप्तान के तौर पर भी छोड़ी खास पहचान
रहाणे सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक सफल कप्तान भी रहे। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिसमें टीम ने 4 मुकाबले जीते, जबकि 2 टेस्ट ड्रॉ रहे। उनकी कप्तानी का सबसे यादगार पल 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही। एडिलेड टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक हार के बाद नियमित कप्तान विराट कोहली स्वदेश लौट गए थे। इसके बाद रहाणे ने कप्तानी संभाली और युवा खिलाड़ियों के साथ भारत को ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताई। मेलबर्न टेस्ट में उनका शानदार शतक आज भी भारतीय क्रिकेट के सुनहरे पलों में गिना जाता है।
ऐसा रहा इंटरनेशनल करियर
अजिंक्य रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2011 में वनडे और टी20 क्रिकेट से की थी। इसके बाद 2013 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने जुलाई 2023 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला, जो उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साबित हुआ। इसके बाद उन्हें टीम इंडिया में वापसी का मौका नहीं मिला।
रहाणे ने अपने करियर में:
- 85 टेस्ट मैच खेले और 5,077 रन बनाए।
- टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक लगाए।
- 90 वनडे में 2,962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक शामिल रहे।
- 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 375 रन बनाए।
ये आंकड़े उनके लंबे और सफल करियर की कहानी बताते हैं।
विदेशी जमीन पर हमेशा रहे भरोसेमंद
अगर रहाणे के करियर की सबसे बड़ी खासियत की बात करें तो वह विदेशी दौरों पर उनका प्रदर्शन रहा। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। जब भारतीय बल्लेबाज संघर्ष कर रहे होते थे, तब रहाणे अक्सर टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकालते थे। इसी वजह से क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें विदेशी परिस्थितियों का सबसे भरोसेमंद भारतीय बल्लेबाजों में गिनते हैं।
2023 के बाद नहीं मिली वापसी
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद रहाणे भारतीय टीम में अपनी जगह लंबे समय तक बरकरार नहीं रख सके। जुलाई 2023 के बाद उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला। वनडे टीम से वह 2018 के बाद बाहर हो गए थे, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में उनकी आखिरी उपस्थिति 2016 में रही थी। ऐसे में लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया।
फैंस हुए भावुक
रहाणे के संन्यास की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने उन्हें भावुक संदेशों के साथ विदाई दी। कई लोगों ने उन्हें 2021 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज का असली हीरो बताया, जबकि कुछ ने उन्हें भारत के सबसे शांत और संयमित कप्तानों में से एक कहा। क्रिकेट प्रेमियों ने उनके संघर्ष, विनम्र स्वभाव और टीम के लिए दिए गए योगदान को याद किया।
क्रिकेट में योगदान हमेशा रहेगा याद
अजिंक्य रहाणे का करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कई ऐसे मौके पर टीम इंडिया को संभाला जब जीत मुश्किल लग रही थी। उनका शांत स्वभाव, दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता और टीम के लिए खेलने का जज्बा उन्हें अलग पहचान देता है। युवा खिलाड़ियों के लिए रहाणे हमेशा एक ऐसे क्रिकेटर रहेंगे जिन्होंने बिना किसी विवाद के मेहनत, अनुशासन और निरंतरता के दम पर अपना नाम बनाया।
आगे क्या करेंगे रहाणे?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद रहाणे ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। उन्होंने केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है। फिलहाल उन्होंने क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बनाने की घोषणा नहीं की है। इसलिए भविष्य में घरेलू क्रिकेट, फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट या किसी अन्य भूमिका में उनकी मौजूदगी को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
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