Chirag Paswan News: चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने विपक्ष पर सवाल उठाए हैं। चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग ने जिस तरह से पूरे मामले पर बिंदुवार स्पष्टीकरण दिया है, उससे उनकी चिंता दूर हुई है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते समय चयनात्मक आलोचना नहीं होनी चाहिए।
वहीं, चिराग पासवान ने यह भी सवाल किया कि अगर SIR की प्रक्रिया को लेकर इतनी बड़ी आपत्ति है, तो विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में चुनाव कैसे हुए और वहां उनकी जीत कैसे हुई। उन्होंने केरल और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए विपक्ष से अपनी बात स्पष्ट करने को कहा। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
चुनाव आयोग के जवाब से संतुष्ट हैं चिराग
SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद चिराग पासवान ने पहले खुद चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर लोगों के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा होता है, तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब चुनाव आयोग की ओर से मामले पर स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद चिराग का रुख बदला है। उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस मुद्दे को लेकर चिंता थी, लेकिन आयोग ने जिन मुद्दों पर जवाब दिया, उससे उन्हें संतुष्टि मिली है।
ऐसे में चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े विवाद पर कई बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा है। Form 6 को लेकर आयोग ने कहा कि मूल फॉर्म में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR के तहत एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र यानी Annexure D की व्यवस्था की गई है।
‘विपक्ष को सेलेक्टिव आलोचना नहीं करनी चाहिए’
चिराग पासवान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाते समय सभी राज्यों और सभी चुनावों को एक ही नजर से देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उन राज्यों को लेकर ज्यादा सवाल करता है जहां बीजेपी या NDA की सरकार है, जबकि उन राज्यों पर चर्चा नहीं करता जहां विपक्षी दल सत्ता में हैं।
चिराग ने केरल और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि अगर चुनावी प्रक्रिया में इतनी बड़ी गड़बड़ी थी, तो इन राज्यों में विपक्ष की सरकार कैसे बनी। उन्होंने कहा कि किसी एक जगह चुनावी प्रक्रिया को गलत और दूसरी जगह सही नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, अगर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाते हैं तो वे सवाल सभी जगह एक समान तरीके से उठाए जाने चाहिए।
‘प्रियंका गांधी कैसे जीतीं?’
चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव जीतने का भी जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर SIR को लेकर इतनी बड़ी समस्या बताई जा रही है तो प्रियंका गांधी चुनाव कैसे जीत गईं।
बता दें यहां चिराग पासवान का तर्क चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाने का था। उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां चुनावी प्रक्रिया पर उसी तरह के सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि बीजेपी या NDA की जीत वाले राज्यों में चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं। हालांकि, SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार अलग-अलग सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने आयोग के हालिया स्पष्टीकरण को लेकर असहमति जताई है और कई मुद्दों पर जवाब मांगा है।
#WATCH | ECI Controversy | Delhi: Union Minister Chirag Paswan says, "We certainly had concerns as well, and I have always prioritized the concerns of the public. I am satisfied with the way the Election Commission responded yesterday, addressing every single issue we had raised… pic.twitter.com/liaJUBgi8P
— ANI (@ANI) September 28, 2026
SIR और Form 6 को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल, SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची की समीक्षा की जा रही है। इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद की खबर सामने आई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले महीनों में कई फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां किसी भी संस्था की निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।
Form 6 को लेकर भी विवाद सामने आया। यह फॉर्म नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि Form 6 में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR के तहत अतिरिक्त घोषणा की व्यवस्था की गई है।
यूपी चुनाव को लेकर चिराग ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी चिराग पासवान ने अपनी बात रखी। उन्होंने प्रयागराज में युवाओं की बड़ी मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उनका विश्वास बढ़ा है।
चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारी आगे बढ़ा रही है। प्रयागराज में युवाओं की मौजूदगी को उन्होंने पार्टी की चुनावी सोच के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उन्हें लोगों का साथ मिलने की उम्मीद है और पार्टी अपनी रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।
चुनाव आयोग पर पहले उठाए थे सवाल
खास बात यह है कि चिराग पासवान ने इस विवाद के शुरुआती दौर में चुनाव आयोग से ही स्पष्ट जवाब देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि वह केवल सरकार का हिस्सा होने की वजह से चुनाव आयोग का बचाव नहीं करेंगे। उनका कहना था कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और जनता के मन में किसी तरह का संदेह पैदा होता है तो उसे दूर करना जरूरी है।
अब आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी चिंता काफी हद तक दूर हुई है। वहीं, विपक्ष इस स्पष्टीकरण को लेकर अभी भी सवाल उठा रहा है। ऐसे में SIR, Form 6 और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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