Datia BJP Workers Protest: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा उपचुनाव का टिकट नहीं मिलने के बाद शनिवार को बड़ा राजनीतिक बवाल देखने को मिला। नाराज समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर लंबा जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और राजमार्ग को खाली कराया। समाचार एजेंसी पीटीआई सहित कई रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।
टिकट घोषणा के बाद शुरू हुआ विरोध
भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हो गए और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
करीब 12 घंटे तक जाम रहा हाईवे
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने करीब 11 से 12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम रखा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से कई बार प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने की अपील की गई, लेकिन वे नहीं माने।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
अधिकारियों के मुताबिक, जब पुलिस ने राजमार्ग खाली कराने की कोशिश की, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की।
आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों को हटाया गया और राजमार्ग पर यातायात बहाल कराया गया। प्रशासन ने बताया कि हालात सामान्य करने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
लाठीचार्ज से किया इनकार
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया।
कई पुलिसकर्मी हुए घायल
पथराव के दौरान पुलिस अधीक्षक के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रशासन ने बताया कि सभी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने कथित रूप से हिंसा और पथराव में भाग लिया। प्रशासन का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
दतिया विधानसभा उपचुनाव पहले ही राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अब टिकट वितरण के बाद हुए इस विरोध प्रदर्शन ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर असंतोष को संभालना भाजपा के लिए चुनौती हो सकता है।
नरोत्तम मिश्रा की ओर से क्या कहा गया?
समाचार लिखे जाने तक नरोत्तम मिश्रा की ओर से इस विरोध प्रदर्शन पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं, भाजपा की ओर से भी इस मामले पर औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
हाईवे पर यातायात हुआ प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 देश के प्रमुख मार्गों में से एक है। करीब 12 घंटे तक जाम रहने के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। बाद में प्रशासन ने राजमार्ग को पूरी तरह खाली कराकर यातायात सामान्य कराया।
आगे क्या होगा?
अब प्रशासन हिंसा और पथराव की घटनाओं की जांच करेगा। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी टिकट वितरण के बाद उत्पन्न स्थिति पर पार्टी नेतृत्व की नजर बनी हुई है।
Read Related News: रॉबर्ट वाद्रा भूमि सौदा मामला फिर चर्चा में, ED ने दिल्ली कोर्ट में जमा की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट



