Delhi Blast Update: दिल्ली कार बम धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। इस मामले में कई तरह के नए खुलासे सामने आ रहे हैं। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा शुरूआत में इस घटना के तार तुर्किये से था, अब जांच में नेपाल कनेक्शन भी इससे जुड़ रहा है। ऐसे में अब भारतीय एजेंसियां नेपाल, तुर्किये और स्थानीय नेटवर्क इन तीनों अहम कड़ियों को एक साथ जोड़कर पूरे मॉड्यूल की तह तक पहुंचने में जुटी है।
बता दें कि सिक्योरिटी एजेंसियों के अनुसार नेपाल के तराई इलाके में कुछ विदेशी संगठनों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं, जो सामाजिक कार्यों के नाम पर वहां के युवाओं तक फंडिंग पहुंचे का काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि यह फंडिंग भारत में सक्रिय स्लीपर सेल तक भी पहुंचाई जा रही।
भारतीय एजेंसियों ने नेपाल सरकार से साझा की जानकारी
इस संदर्भ में भारतीय एजेंसियों ने नेपाल सरकार के साथ प्रभावित जानकारी साझा की, जिससे जांच में पाया कि नेपाल के कुछ मंदिरों और मदरसों के माध्यम से भी पैसों का ट्रांसफर किया गया है, जो मुख्य रूप से आतंकी नेटवर्क तक पहुंचा।

तुर्किये के IHH संगठन पर शक गहराया
खबरों के मुताबिक, तुर्किये के NGO के द्वारा IHH ने बहराइच से लगे नेपालगंज के एक मदरसे को लगभग 20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम मुहैया कराई थी। इस मदरसे से उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती क्षेत्र के कुछ लोगों के जुड़े होने की भी खबर सामने आई है।
दिल्ली बम धमाके में तुर्किये की भूमिका की जांच के बाद नेपालगंज में IHH की तेजी से बढ़ रही गतिविधियों ने एजेंसियों की सतर्कता और भी अधिक बढ़ा दिया है।
यूपी में NIA की छापेमारी
मिली जानकारी के मुताबिक, NIA ने पिछले सप्ताह बहराइच और श्रावस्ती में छापेमारी की। इसके अलावा, महाराजगंज के एक पूर्व नगर निकाय अध्यक्ष की गतिविधियां भी जांच दायरे में हैं।
देखा जाए तो अब तक की इस घटना से जुड़े जांच में संत कबीर नगर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, बहराइच, सुल्तानपुर, बलरामपुर, महाराजगंज, बरेली, रायबरेली, गोंडा और बाराबंकी बेहद संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिह्नित हुए हैं। इनमें से कुछ जगहों पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेटवर्क का भी पाए जा रहे हैं।
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