Oman Gulf Attack: ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों के शव बरामद होने से पूरे देश में शोक की लहर है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया। हमले के बाद तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे, जिनके शव अब बरामद कर लिए गए हैं।
तीन भारतीय नाविकों की हुई पहचान
जानकारी के मुताबिक मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई है। दरअसल पहले सुरेश को लापता माना जा रहा था, लेकिन बाद में उनका शव भी बरामद कर लिया गया।
शिवानंद चौरसिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे। इस घटना ने उनके परिवार समेत पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सर्बानंद सोनोवाल ने जताया दुख
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जहाज से बचाए गए भारतीय चालक दल के सदस्यों की जल्द से जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा मृत नाविकों के पार्थिव शरीरों को उनके परिवारों तक पहुंचाने और अंतिम संस्कार के लिए शीघ्र भारत लाने की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया है।
भारत ने अमेरिका के खिलाफ दर्ज कराया विरोध
बता दें की इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। जिसमें नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप मिशन प्रमुख को तलब कर भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कारोबारी जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना चिंता का विषय है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि अपने शुरुआती बयान में विदेश मंत्रालय ने अमेरिका का नाम नहीं लिया था, लेकिन बाद में भारत ने इस कार्रवाई पर स्पष्ट आपत्ति जताई।

क्या है अमेरिकी सेना का दावा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, तेल टैंकर सेटेबेलो ईरान से तेल लेकर जा रहा था और उसने अमेरिका द्वारा लागू नाकाबंदी का उल्लंघन किया था।
अमेरिकी सेना का दावा है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन को निशाना बनाकर सटीक हथियारों से हमला किया। अमेरिका ने इस कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है। हालांकि इस हमले में भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका की कार्रवाई पर कई सवाल उठ रहे हैं।
21 भारतीय नाविकों को बचाया गया
सेटेबेलो जहाज पर कुल 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत और बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय दूतावास लगातार ओमानी प्रशासन के संपर्क में रहा और खोज अभियान की निगरानी करता रहा। इसी अभियान के दौरान तीनों भारतीयों के शव बरामद किए गए।
दो दिन पहले भी हुआ था हमला
यह घटना ऐसे समय हुई है जब दो दिन पहले ही अमेरिकी सेना ने एक अन्य तेल टैंकर एमटी मैरीवेक्स को निशाना बनाया था। बता दें की उस जहाज पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। अमेरिकी प्रशासन पहले ही उस जहाज पर प्रतिबंध लगा चुका था। वहीं, लगातार दो जहाजों पर कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
समुद्री व्यापार पर बढ़ता खतरा
समुद्री निगरानी एजेंसियों के अनुसार, सेटेबेलो हाल के दिनों में ओमान के दुक्म बंदरगाह के आसपास मौजूद कई जहाजों में शामिल था।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने भी पहले अलर्ट जारी कर बताया था कि ओमान के सोहर तट के पास एक टैंकर में आग लगने की घटना हुई है और चालक दल को निकालने का अभियान चलाया जा रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ईरान-अमेरिका तनाव बना बड़ी वजह
ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की जड़ अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव है।
अमेरिका ने अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की थी। दूसरी ओर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण बढ़ा दिया था। इसी कारण खाड़ी क्षेत्र में कई बार तनावपूर्ण स्थिति पैदा हुई और कई जहाजों की गतिविधियां निगरानी में आ गईं।
भारत ने उठाई नाविकों की सुरक्षा की मांग
भारत ने स्पष्ट कहा है कि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले नागरिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने और व्यापारिक जहाजों को सैन्य संघर्ष से दूर रखने की अपील की है। भारत ने यह भी कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर हजारों भारतीय नाविकों और व्यापारिक हितों पर पड़ सकता है, इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
बढ़ी बड़े सैन्य टकराव की आशंका
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच विशेषज्ञों को आशंका है कि आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच अविश्वास लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच कई बार युद्धविराम और बातचीत की कोशिशें हुई हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ऐसे माहौल में ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों की मौत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों की रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



