Delhi NCR Weather Update: भीषण गर्मी से जूझ रही दिल्ली-एनसीआर की जनता को मंगलवार देर रात मौसम ने बड़ी राहत दी। दिनभर की उमस और तेज गर्मी के बाद राजधानी में अचानक मौसम ने करवट ली और धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में इतनी तेज हवाएं चलीं कि लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के पालम मौसम केंद्र पर हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जो पिछले करीब 24 वर्षों में दर्ज सबसे तेज हवाओं में से एक है। तेज आंधी और बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगहों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
अचानक बदला मौसम का मिजाज
मंगलवार शाम तक दिल्ली और एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में तापमान काफी अधिक था। लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे। लेकिन शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और तेज धूल भरी आंधी शुरू हो गई। कुछ ही देर में मौसम ने और उग्र रूप धारण कर लिया। धूल के गुबार से आसमान भूरा दिखाई देने लगा और कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई। इसके बाद देर रात तेज बारिश ने दस्तक दी।
120 kmph की रफ्तार से चली हवाएं
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। आईएमडी के वैज्ञानिकों के अनुसार यह रफ्तार वर्ष 2001 के बाद दर्ज सबसे तेज हवाओं के बराबर है। वहीं पूसा में 80 किलोमीटर प्रति घंटा और सफदरजंग में 64 किलोमीटर प्रति घंटा तक हवा की गति रिकॉर्ड की गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। तेज बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने राहत की सांस ली और देर रात मौसम काफी सुहावना हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण यह बदलाव देखने को मिला।
उड़ानों पर पड़ा असर
खराब मौसम का असर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी देखने को मिला। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। कई उड़ानों में देरी हुई जबकि कुछ उड़ानों का मार्ग बदला गया। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही एयरपोर्ट पहुंचने की अपील की।
IMD ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। आईएमडी ने चेतावनी दी थी कि कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है। इसके साथ ही लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई।
पाकिस्तान के ऊपर बने सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और पाकिस्तान व आसपास के क्षेत्रों पर बना चक्रवाती परिसंचरण जिम्मेदार रहा। इसी सिस्टम की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इसका असर महसूस किया गया।
अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
आईएमडी के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी की स्थिति नहीं बनेगी और तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।
मानसून से पहले सामान्य प्रक्रिया
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले इस प्रकार की आंधी और बारिश सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है। हालांकि इस बार हवाओं की गति असाधारण रूप से अधिक रही, जिसने मौसम को और अधिक नाटकीय बना दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भी इस तरह की चरम मौसमीय घटनाओं की आवृत्ति बढ़ रही है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर संरचनाओं, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों से दूरी बनाए रखें। वाहन चालकों को भी खराब दृश्यता और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
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