FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 में मंगलवार का दिन स्विट्जरलैंड के फुटबॉल इतिहास के लिए यादगार बन गया। रोमांच से भरपूर प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर 72 साल बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमों के बीच कोई भी गोल नहीं हुआ, जिसके बाद मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। यहां स्विस खिलाड़ियों ने शानदार संयम दिखाया और जीत अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि मजबूत रक्षा, धैर्य और सही समय पर सही फैसला किसी भी बड़े मुकाबले का रुख बदल सकता है।
72 साल बाद दोहराया इतिहास
स्विट्जरलैंड ने आखिरी बार 1954 में फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। उस समय टूर्नामेंट की मेजबानी भी स्विट्जरलैंड ने ही की थी। इसके बाद टीम कई बार विश्व कप में उतरी, लेकिन अंतिम-8 तक पहुंचने का सपना अधूरा रह गया। अब पूरे 72 साल बाद स्विस टीम ने यह सूखा खत्म कर दिया है। इस उपलब्धि को देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
गोलरहित रहा पूरा मुकाबला
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने सतर्क रणनीति अपनाई। स्विट्जरलैंड और कोलंबिया दोनों ही जानते थे कि एक छोटी सी गलती पूरे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ में भी मुकाबला बराबरी का रहा। दोनों गोलकीपरों और डिफेंडरों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिससे कोई भी टीम बढ़त हासिल नहीं कर पाई। 90 मिनट का खेल खत्म होने के बाद स्कोर 0-0 रहा। अतिरिक्त 30 मिनट में भी दोनों टीमों के खिलाड़ी गोल करने में असफल रहे और आखिरकार मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंच गया।
पेनल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड ने दिखाई मजबूती
पेनल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने चार सफल पेनल्टी गोल किए, जबकि कोलंबिया सिर्फ तीन गोल ही कर सका। कोलंबिया के अनुभवी डिफेंडर डेविंसन सांचेज़ का एक शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। वहीं, स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने कूचो हर्नांडेज़ की पेनल्टी को शानदार तरीके से रोककर अपनी टीम की जीत लगभग तय कर दी। इसके बाद रुबेन वर्गास ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलते हुए स्विट्जरलैंड को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
रुबेन वर्गास बने जीत के हीरो
इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रुबेन वर्गास रहे। उन्होंने दबाव भरे माहौल में अंतिम और निर्णायक पेनल्टी को सफलतापूर्वक गोल में बदला। दिलचस्प बात यह रही कि वर्गास ने मैच से पहले पूरे अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया था। उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। हालांकि कोच ने उन्हें दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में मैदान पर उतारा और उन्होंने अपने अनुभव से टीम को जीत दिला दी। विश्व कप में इससे पहले भी वर्गास दो गोल कर चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने बड़े मैच में अपनी उपयोगिता साबित कर दी।
गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने किया कमाल
अगर स्विट्जरलैंड इस मुकाबले को जीत पाया तो उसमें गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल की भी बड़ी भूमिका रही। उन्होंने पूरे मैच में शानदार गोलकीपिंग की और कोलंबिया के कई हमलों को विफल किया। सबसे अहम पल पेनल्टी शूटआउट में आया, जब उन्होंने कूचो हर्नांडेज़ की पेनल्टी बचा ली। कोबेल के इस शानदार सेव ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और स्विस टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया।
अहम खिलाड़ी की गैरमौजूदगी के बावजूद शानदार जीत
स्विट्जरलैंड इस मुकाबले में अपने युवा मिडफील्डर जोहान मन्जाम्बी के बिना उतरा था। मन्जाम्बी अभ्यास सत्र के दौरान चोटिल हो गए थे और मैच से बाहर हो गए। उन्होंने टूर्नामेंट में अब तक तीन गोल किए थे और टीम के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल थे। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी स्विट्जरलैंड के लिए बड़ा झटका मानी जा रही थी। लेकिन पूरी टीम ने मिलकर शानदार खेल दिखाया और किसी एक खिलाड़ी की कमी महसूस नहीं होने दी। रक्षात्मक रणनीति और अनुशासित प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
कोलंबिया ने भी दी कड़ी टक्कर
हालांकि कोलंबिया को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार संघर्ष किया। कोलंबिया के खिलाड़ियों ने कई बार स्विट्जरलैंड के गोल पर दबाव बनाया, लेकिन मजबूत डिफेंस और बेहतरीन गोलकीपिंग के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। पेनल्टी शूटआउट में छोटी-सी गलती टीम पर भारी पड़ गई और उनका विश्व कप सफर समाप्त हो गया।
स्टेडियम में दिखा शानदार माहौल
यह मुकाबला अमेरिका के वैंकूवर स्थित बीसी प्लेस स्टेडियम में खेला गया, जहां लगभग 52,500 से अधिक दर्शक मौजूद थे। स्टेडियम में अधिकांश दर्शक पीले रंग की जर्सी पहनकर कोलंबिया का समर्थन कर रहे थे। इसके बावजूद स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों ने दबाव को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी स्टेडियम में मौजूद रहे और उन्होंने मुकाबले का रोमांच करीब से देखा।
अब अर्जेंटीना से होगी बड़ी भिड़ंत
क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड का सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। अर्जेंटीना ने अपने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मिस्र को 3-2 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई थी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला शनिवार को अमेरिका के कैनसस सिटी स्थित एरोहेड स्टेडियम में खेला जाएगा। फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी रहेंगी।
कोच ने टीम के जज्बे की तारीफ की
मैच के बाद स्विट्जरलैंड के कोच ने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे मैच में अनुशासन बनाए रखा और मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोया। कोच के अनुसार, यही मानसिक मजबूती टीम को क्वार्टर फाइनल तक लेकर आई है और आगे भी इसी प्रदर्शन को जारी रखना होगा।
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