Gulzar Singh Suicide Case: पंजाब में गुलजार सिंह सुसाइड केस (Gulzar Singh Suicide Case2026) को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। Punjab Congress के प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के कई बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ नेता तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत कई कांग्रेस नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।
वहीं, कांग्रेस ने गुलजार सिंह की मौत के मामले में न्याय की मांग की है। साथ ही पार्टी ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। यहां जानें पूरा मामला
गुलजार सिंह मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा
गुलजार सिंह सुसाइड केस को लेकर कांग्रेस लगातार पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साध रही है। पार्टी का आरोप है कि मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक गुलजार सिंह को न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी परिवार को न्याय के लिए इस तरह संघर्ष नहीं करना चाहिए।
#WATCH | Chandigarh | Congress MP Charanjit Singh Channi says, "There is an atmosphere of hooliganism, gangsterism, looting, and bloodshed. Congress is out on the streets to put an end to this. We will fight the people's battle and will not stop until we drive them (AAP) out" https://t.co/UhOwYDKiE3 pic.twitter.com/mvQvGtxGMA
— ANI (@ANI) September 15, 2026
हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी नेताओं ने सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले को लेकर सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं है। इसी वजह से कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी। पार्टी की ओर से आगे भी सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।
#WATCH | Chandigarh | LoP in Punjab Assembly and Congress leader Partap Singh Bajwa says, "All Congress leaders are united on one platform. We have received assurances from the central leadership that this election will be held under their supervision. This election will be… https://t.co/UhOwYDKiE3 pic.twitter.com/WzNaIRlJbT
— ANI (@ANI) September 15, 2026
एक मंच पर दिखे चन्नी, रंधावा और बाजवा
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात कांग्रेस के अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं का एक साथ मंच पर नजर आना रही। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत कई बड़े नेता सचिन पायलट के साथ दिखाई दिए।
पंजाब कांग्रेस में समय-समय पर नेताओं के बीच मतभेद और अलग-अलग गुटों की चर्चा होती रही है। ऐसे में सचिन पायलट की मौजूदगी में इन वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि पंजाब सरकार के खिलाफ बड़े मुद्दों पर पार्टी के नेता एकजुट होकर लड़ाई लड़ सकते हैं।
सचिन पायलट के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन
सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनने के बाद पार्टी का यह प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पायलट की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।
पार्टी के लिए यह प्रदर्शन केवल गुलजार सिंह मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन में एकजुटता दिखाने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने से कांग्रेस ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है।
#WATCH | Chandigarh: Water cannons are being used to disperse the Congress leaders and workers holding a protest against the state government over the death of Gulzar Singh in Sangrur. pic.twitter.com/bxypkfULDK
— ANI (@ANI) September 15, 2026
पंजाब सरकार पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
गुलजार सिंह सुसाइड केस को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पंजाब की राजनीति में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस लगातार सरकार से जवाब मांग रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
वहीं, कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं का एक साथ आना भी पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी संगठन को मजबूत करने और सरकार के खिलाफ प्रमुख मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। साथ ही, कांग्रेस का साफ कहना है कि गुलजार सिंह के परिवार को न्याय मिलने तक वह इस मामले को उठाती रहेगी। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाती है और कांग्रेस के आंदोलन का आगे क्या असर होता है।



