Punjab Election: पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव (Punjab Election 2026) को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। बता दें पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और पार्टी महासचिव सचिन पायलट का कहना है कि कांग्रेस किसी एक नेता को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर आगे करके चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरेगी। साथ ही, पायलट ने यह भी साफ किया कि फिलहाल पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का कोई सवाल नहीं है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
राहुल गांधी और खड़गे के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगी। उनका कहना है कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य संगठन को मजबूत करना और सभी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को एक साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरना है।
पायलट के मुताबिक राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का पंजाब पर विशेष ध्यान है। आने वाले समय में राहुल गांधी पंजाब का दौरा भी कर सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस राज्य में अपने संगठन और चुनावी अभियान को और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है।
Sachin Pilot, Congress General Secretary in charge of Punjab, meets party leaders and MPs Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Vadra, at 10 Janpath, in Delhi.
(Photo source: AICC) pic.twitter.com/LCIdM1lvQz
— ANI (@ANI) September 8, 2026
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदले जाएंगे
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर समय-समय पर बदलाव की चर्चाएं सामने आती रही हैं। जिसमें सचिन पायलट ने इन चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का फिलहाल कोई सवाल नहीं है। साथ ही, पार्टी के सभी नेताओं को मिलकर काम करना होगा। कांग्रेस का प्रयास है कि चुनाव से पहले संगठन के भीतर एकजुटता दिखाई दे और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट दिशा मिले।
#WATCH | Firozpur, Punjab: On the new Punjab Congress In-charge, Punjab Congress President Amrinder Singh Raja Warring says, "… Sachin Pilot is a great leader, and I believe his presence will help us even more. Baghel Ji also did a good job; his tenure was over. This rotation… pic.twitter.com/NbuCdm45i7
— ANI (@ANI) September 6, 2026
गुटबाजी के सवाल पर बीजेपी पर साधा निशाना
पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर सचिन पायलट ने बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले बीजेपी को अपने संगठन और नेताओं की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।
वहीं, पायलट ने दावा किया कि सत्ता में रहने वाली पार्टी के अपने आठ सांसद बीजेपी में जा चुके हैं। उनके इस बयान को पंजाब की राजनीति में बीजेपी पर सीधा हमला माना जा रहा है।
चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात पर क्या बोले पायलट?
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ अपनी मुलाकात को लेकर भी सचिन पायलट ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चन्नी के साथ बातचीत सकारात्मक रही है।
पायलट के अनुसार, चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने का भरोसा दिया है। कांग्रेस के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव से पहले पार्टी के अंदर एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।
अमित शाह के पंजाब दौरे पर पायलट का हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर भी सचिन पायलट ने निशाना साधा। उन्होंने मुंद्रा पोर्ट पर कथित तौर पर पकड़ी गई बड़ी मात्रा में ड्रग्स का मुद्दा उठाया।
पायलट ने सवाल किया कि जिस समय इतना बड़ा अवैध कारोबार सामने आता है, उस स्थिति में पंजाब की जनता के सामने कानून-व्यवस्था और ड्रग्स के मुद्दे पर सवाल उठाने का नैतिक आधार क्या है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा।
अकाली दल और बीजेपी गठबंधन पर भी टिप्पणी
पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के संभावित गठबंधन की चर्चाओं के बीच सचिन पायलट ने दोनों दलों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अकाली दल के बिना पंजाब में बीजेपी का कोई खास राजनीतिक वजूद नहीं है। ऐसे में उनके बयान से साफ है कि कांग्रेस आने वाले चुनाव में बीजेपी-अकाली दल की संभावित रणनीति को भी ध्यान में रखकर अपनी चुनावी तैयारी करेगी। पंजाब में राजनीतिक मुकाबला कई दलों के बीच होने की संभावना है, ऐसे में कांग्रेस के सामने अपना पारंपरिक वोट बैंक मजबूत करने की चुनौती होगी।
गुलजार सिंह मामले पर कांग्रेस का रुख
गुलजार सिंह से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन पायलट ने कहा कि इस मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनती है तो मामले की जांच के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिना CM चेहरे के चुनाव लड़ना क्यों अहम?
पंजाब चुनाव में बिना मुख्यमंत्री चेहरे के उतरने का कांग्रेस का फैसला राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। इससे पार्टी को अलग-अलग नेताओं और गुटों को एक साथ लेकर चलने में मदद मिल सकती है। हालांकि चुनाव के दौरान मतदाताओं के सामने नेतृत्व का चेहरा स्पष्ट नहीं होने से पार्टी को कुछ राजनीतिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
ऐसे में फिलहाल सचिन पायलट के बयान से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस पंजाब में किसी एक नेता के नाम पर दांव लगाने के बजाय सामूहिक नेतृत्व की रणनीति अपनाएगी। पार्टी हाईकमान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने और चुनावी मैदान में एकजुट होकर उतरने की तैयारी कर रहा है। आने वाले दिनों में राहुल गांधी के पंजाब दौरे और कांग्रेस के चुनावी अभियान से पार्टी की रणनीति की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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