Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही राज्य के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 2 जुलाई के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दर्जनों सड़कें बंद हैं और बिजली तथा पेयजल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
11 लोगों की मौत, कई परिवार प्रभावित
SEOC की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन दिनों में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं के कारण 11 लोगों की जान गई है। इनमें भूस्खलन, अचानक बाढ़ और अन्य हादसे शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। नुकसान का आकलन भी जारी है।
49 सड़कें बंद, आवाजाही प्रभावित
लगातार बारिश के कारण राज्यभर में 49 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे अधिक असर कुल्लू जिले में देखने को मिला है, जहां कई प्रमुख मार्गों पर भूस्खलन के कारण यातायात रोकना पड़ा। बंजार, मनाली, कुल्लू और निरमंड जैसे क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा सिरमौर, चंबा, ऊना और लाहौल-स्पीति में भी कई मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली आपूर्ति पर भी असर
भारी बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 42 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) प्रभावित हुए हैं, जिससे कई गांवों और कस्बों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित सिरमौर जिले का नाहन क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इसके अलावा चंबा, मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भी बिजली सेवाएं प्रभावित हुई हैं। बिजली विभाग की टीमें खराब ट्रांसफार्मरों को ठीक करने और सप्लाई बहाल करने में जुटी हुई हैं।
पेयजल योजनाएं भी प्रभावित
बारिश और भूस्खलन का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य में 27 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लोगों को पानी की आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल शक्ति विभाग ने प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं और पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी जारी है।
करोड़ों का नुकसान
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, भारी बारिश और भूस्खलन से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई सड़कें, पुल, बिजली लाइनें और जलापूर्ति परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश थमने के बाद वास्तविक नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की है।
राहत और बचाव कार्य जारी
राज्य सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रही हैं। जहां सड़कें बंद हैं, वहां मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, बिजली और पानी की सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिन संवेदनशील रह सकते हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
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