कल का मौसम: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है। आने वाले दिनों में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कुछ राज्यों में हीटवेव का खतरा भी बना रहेगा।
उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में 10 मई को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 मई को बारिश और तूफानी मौसम देखने को मिल सकता है।
11 से 14 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से इन इलाकों में व्यापक स्तर पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 11 से 14 मई के बीच हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश में 12 से 14 मई के बीच मौसम बदल सकता है।
ओलावृष्टि की चेतावनी
IMD ने जम्मू-कश्मीर में 11 और 12 मई को ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 और 13 मई को कुछ स्थानों पर ओले गिर सकते हैं। किसानों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि इससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा
बता दें कि असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक असम और मेघालय में 10 से 15 मई तक गरज-चमक के साथ बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 12 से 15 मई के बीच भारी बारिश की संभावना है।
14 और 15 मई को असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश हो सकती है। जिसमें नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 13 से 15 मई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा।
पूर्वी भारत में आंधी और तूफान
जानकारी के लिए बता दें कि बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम खराब रहने वाला है। ऐसे में 10 से 15 मई तक इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल और झारखंड में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
बिहार में 12 और 13 मई को तेज आंधी की संभावना जताई गई है। वहीं बिहार और झारखंड में 9 मई को ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
मध्य भारत में भी असर
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश में 9 मई को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। विदर्भ में 9 और 10 मई तथा छत्तीसगढ़ में 9 से 13 मई तक बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में 9 और 10 मई को 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

महाराष्ट्र और पश्चिम भारत में बारिश
महाराष्ट्र में अगले दो दिनों तक कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं गुजरात में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग ने गुजरात में 14 मई तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 9 से 13 मई तक व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिर सकती है। तमिलनाडु और केरल में अगले सात दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में 9, 14 और 15 मई को बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 14 और 15 मई को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
बढ़ेगा तापमान, कई राज्यों में हीटवेव
दरअसल कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा, वहीं दूसरी ओर राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम राजस्थान में अगले सात दिनों तक हीटवेव चल सकती है। पूर्वी राजस्थान में 12 से 15 मई तक लू चलने की संभावना है।गुजरात में 10 से 14 मई तक गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 और 13 मई को हीटवेव का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा राजस्थान में गर्म रातों की भी चेतावनी जारी की गई है।
लोगों को दी गई ये सलाह
मौसम विभाग IMD ने खराब मौसम के दौरान लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। गरज-चमक और बिजली गिरने के समय खुले मैदान में जाने से बचने को कहा गया है। तेज आंधी के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की गई है।
ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
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