Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर में आज शनिवार के दिन सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। बता दें यूसमर्ग इलाके में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के पाकिस्तानी कमांडर यासिर (Pakistani Yasir Commander 2026) को मार गिराया। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि, यासिर लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और सुरक्षाबलों की निगरानी में था। ऐसे में मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और दूसरे आतंकियों से संपर्क की जानकारी जुटा रही हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर
यूसमर्ग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़
यूसमर्ग इलाके में आज शनिवार को सुरक्षाबलों का सामना आतंकियों के एक समूह से हुआ। इसके बाद इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर यासिर को मार गिराया।
बताया जा रहा है कि यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था और कश्मीर में लश्कर के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर काफी समय से नजर रख रही थीं। एनकाउंटर के बाद इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया गया, ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके।
पहले सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था यासिर
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यासिर पहले लश्कर के आतंकी सुलेमान मूसा के ग्रुप से जुड़ा हुआ था। हालांकि, करीब एक साल पहले उसने इस ग्रुप से अलग होकर अपना नेटवर्क तैयार करना शुरू कर दिया था।
ग्रुप से अलग होने के बाद भी यासिर लश्कर से जुड़ा रहा और यूसमर्ग तथा आसपास के इलाकों में आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके साथ कितने आतंकी जुड़े थे और वह किन लोगों के संपर्क में था।
सुलेमान मूसा का भी हुआ था एनकाउंटर
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सुलेमान मूसा को कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी कई गतिविधियों में अहम भूमिका निभाने वाला आतंकी माना जाता था। एजेंसियों का दावा है कि पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के तौर पर उसका नाम सामने आया था।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सुलेमान मूसा पिछले साल डाचीगाम में हुई कार्रवाई के दौरान मारा गया था। इसके बाद उसके नेटवर्क से जुड़े आतंकियों और सहयोगियों की तलाश लगातार जारी रही। यासिर का मारा जाना भी इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

यासिर की भूमिका की हो रही जांच
एनकाउंटर में यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह किन आतंकियों के संपर्क में था और कश्मीर में किन गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहा था। इसके अलावा उसके ठिकानों, संपर्कों और संभावित मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि यासिर से जुड़े नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद घाटी में सक्रिय दूसरे आतंकियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
बडगाम में भी मारा गया था संदिग्ध आतंकी
दरअसल इससे पहले शुक्रवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस कार्रवाई में एक संदिग्ध आतंकी मारा गया था, जिसके पाकिस्तानी नागरिक होने की आशंका जताई गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में एक और संदिग्ध आतंकी के छिपे होने की आशंका थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान जारी रखा। लगातार हो रहे इन अभियानों को कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
1 सितंबर से चल रहा था ऑपरेशन
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पुंछ के अशदर गली से यूसमर्ग होते हुए पुलवामा के पाखेरपोरा की तरफ बढ़ रहे संदिग्ध आतंकियों के एक समूह की गतिविधियों को ट्रैक किया था।
सुरक्षाबलों ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों से गुजर रहे इस समूह पर नजर बनाए रखी। इसके बाद 1 सितंबर को इलाके में घेराबंदी की गई। 3 सितंबर को अशदर गली के पास सुरक्षाबलों का आतंकियों से संपर्क हुआ था। इसके बाद ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया और संदिग्ध आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई। इसी अभियान के दौरान यूसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों का सामना यासिर से हुआ और मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया।
आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में आतंकियों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सेना, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं।
यूसमर्ग एनकाउंटर में लश्कर कमांडर यासिर का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए अहम कामयाबी मानी जा रही है। हालांकि, अब एजेंसियों का फोकस उसके पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने पर है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि यासिर का किसी हालिया आतंकी साजिश या हमले से कोई संबंध था या नहीं। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की संभावना को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखा गया है।
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