Abhijeet Dipke: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बता दें CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार शनिवार तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी पार्टी 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रदर्शन की शुरुआत मुंबई से करने की बात कही गई है, जिसके बाद इसे देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाने का ऐलान किया गया है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
48 घंटे में इस्तीफे की मांग
CJP ने 24 सितंबर को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। पार्टी ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। इसके साथ ही CJP ने चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
अब 25 सितंबर को अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शन की तारीख का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर को मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को दूसरे शहरों तक ले जाने की बात कही गई है। अभिजीत दीपके ने गांधी जयंती के मौके पर लोगों से लोकतंत्र बचाने का संकल्प लेने की अपील भी की है।
If Gyanesh Kumar does not resign by tomorrow, CJP will begin its nationwide protest from Mumbai on 2 October, and take it to cities across India.
This Gandhi Jayanti let’s pledge to save democracy.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 25, 2026
CJP ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
CJP का यह विरोध चुनाव आयोग में सामने आए मतदाता सूची और Form 6 से जुड़े विवाद के बीच शुरू हुआ है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में बदलावों और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, CJP द्वारा लगाए गए आरोप पार्टी के दावे हैं। चुनाव आयोग ने संस्थागत मतभेदों को अलग तरीके से पेश किया है और कहा है कि किसी बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, लिखित टिप्पणियां और आंतरिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर भी विवाद
इस पूरे मामले में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित लिखित आपत्तियों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों को लेकर 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें SIR से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची के प्रबंधन से संबंधित मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
Form 6 को लेकर भी विवाद सामने आया है। Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए किया जाता है। रिपोर्टों में दावा किया गया कि इसके ऑनलाइन वर्जन में किए गए कुछ बदलावों को लेकर चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए थे। इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया और आपत्तियों पर चर्चा हो रही है।
CJP ने दी ‘जंतर मंतर 2.0’ की चेतावनी
इससे पहले अभिजीत दीपके ने कहा था कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो ‘जंतर मंतर 2.0’ शुरू किया जाएगा। CJP ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की जांच और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग भी उठाई है।
पार्टी ने SIR से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच कराने और मतदाता सूची में कथित बदलावों से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने जैसी मांगें भी रखी हैं। इसके अलावा CJP ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े मौजूदा कानूनी ढांचे में बदलाव की मांग भी उठाई है।
2 अक्टूबर से शुरू होगा देशव्यापी प्रदर्शन
CJP के मुताबिक, अगर शनिवार तक CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता है तो 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन मुंबई से प्रदर्शन की शुरुआत होगी। पार्टी का कहना है कि इसके बाद आंदोलन को देश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया जाएगा।
इस ऐलान के बाद अब यह मामला चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में बदलाव और SIR से जुड़े विवादों के बीच एक नए राजनीतिक विरोध अभियान के रूप में सामने आया है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि सदस्यों के बीच अलग-अलग टिप्पणियां और आंतरिक विचार-विमर्श संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
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