Lawrence Bishnoi Gang: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अपराध सिंडिकेटों के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। कनाडा की पुलिस ने जानकारी दी है कि गैंग से कथित रूप से जुड़े गरिंदर देव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है। दूसरी ओर, कनाडा में रह रहे एक अन्य आरोपी जशनदीप सिंह के खिलाफ भी निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। दोनों मामलों को कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे पर हुई फायरिंग और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
फ्रांस में हुई गरिंदर देव की गिरफ्तारी
कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के अनुसार, 40 वर्षीय गरिंदर देव को फ्रांस में हिरासत में लिया गया है। अब उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रत्यर्पण के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का अहम सदस्य माना जाता है और विभिन्न देशों में सक्रिय आपराधिक गतिविधियों से उसका नाम जुड़ा रहा है।
अमेरिकी आरोपपत्र में भी नाम
हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ा आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें गरिंदर देव का नाम भी शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह “Doctor”, “Rocket” और “Ritz Carlton” जैसे उपनामों का इस्तेमाल करता था। आरोप है कि उसने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी और गैंग की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जशनदीप सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई
इसी बीच कनाडा में रह रहे जशनदीप सिंह के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया गया है। कनाडा के आव्रजन प्राधिकरण ने उसे देश से डिपोर्ट करने का आदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उस पर बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के आरोप हैं। हालांकि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगा।
कपिल शर्मा कैफे फायरिंग मामले से जुड़ी जांच
कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे के बाहर हुई फायरिंग के बाद जांच एजेंसियों ने कई पहलुओं की जांच शुरू की थी। इस मामले में संगठित अपराध नेटवर्क, जबरन वसूली और गैंग गतिविधियों के एंगल की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि प्रत्येक आरोपी की भूमिका का निर्धारण जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का संयुक्त अभियान
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हाल ही में एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसके तहत कई देशों में छापेमारी, गिरफ्तारियां और आरोपपत्र दाखिल किए गए। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय उन अपराध नेटवर्क को कमजोर करना है, जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हिंसक अपराध और अन्य गंभीर आरोप हैं।
जांच अभी जारी
अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी पूरी नहीं हुई है। विभिन्न देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ सूचनाएं साझा कर रही हैं और वित्तीय लेनदेन, संचार नेटवर्क तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
भारत पर भी नजर
भारत की सुरक्षा एजेंसियां भी विदेशों में सक्रिय गैंग नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिशें तेज हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध के खिलाफ इस तरह की समन्वित कार्रवाई भविष्य में भी जारी रह सकती है।
कानूनी प्रक्रिया का सम्मान जरूरी
इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ अलग-अलग देशों में कानूनी कार्रवाई चल रही है। अंतिम रूप से किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि संबंधित अदालतों के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी। फिलहाल सभी मामले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
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