Surat Railway Station Crowd: देश में चल रहे LPG संकट का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर औद्योगिक शहरों में हालात ज्यादा बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है गुजरात के सूरत में यह संकट अब एक बड़े सामाजिक और आर्थिक संकट में बदलता जा रहा है। दरअसल काम ठप होने और रोजगार खत्म होने के कारण हजारों मजदूर अपने घरों की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं। इसी का नतीजा रविवार को उधना रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जहां भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी मच गई और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़, बिगड़े हालात
जानकारी के लिए बता दें कि आज रविवार सुबह उधना रेलवे स्टेशन पर अचानक यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट पाने के लिए हजारों लोग स्टेशन पहुंच गए। जिससे स्थिति इतनी खराब हो गई कि भगदड़ जैसे हालात बन गए। वहीं, सुबह करीब 11:30 बजे जब उधना-हसनपुर ट्रेन के लिए यात्रियों को लाइन में खड़ा किया जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इससे व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई और भीड़ बेकाबू हो गई।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
दरअसल हालात बिगड़ते देख पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को हस्तक्षेप करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लोहे की जालियों को पार कर भाग रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों से लगातार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही थी, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि काबू करना मुश्किल हो गया।
रेलवे का बयान
रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना ने बताया कि समर सीजन को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज दोपहर तक 6 ट्रेनों के जरिए 21,000 से ज्यादा यात्रियों को रवाना किया जा चुका है। जिससे यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हम पूरी निगरानी रख रहे हैं। जिसमें उन्होंने लाठीचार्ज पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोगों ने नियम तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
LPG संकट और पलायन की बड़ी वजह
इस भीड़ के पीछे सिर्फ गर्मी की छुट्टियां ही जिम्मेदार नहीं हैं। पिछले एक-दो महीनों से चल रहा LPG संकट भी एक बड़ी वजह है। गैस की कमी के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं या उनका काम प्रभावित हुआ है। इसके चलते मजदूरों के पास काम नहीं बचा और उन्हें मजबूरी में अपने गांव लौटना पड़ रहा है। यही कारण है कि रेलवे स्टेशनों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है।
सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर भारी असर
सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री, जो देश की सबसे बड़ी उद्योगों में से एक मानी जाती है, इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुई है।
- करीब 30% यानी 3 लाख मजदूर पलायन कर चुके हैं।
- उत्पादन 6.5 करोड़ मीटर से घटकर 4.5 करोड़ मीटर प्रतिदिन रह गया।
- इंडस्ट्री को रोजाना करीब 15,000 गैस सिलेंडर की जरूरत होती है।
- लेकिन सप्लाई में लगातार कमी बनी हुई है।

रेलवे व्यवस्थाएं साबित हो रही हैं नाकाफी
रेलवे द्वारा अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के बावजूद भीड़ को काबू करना मुश्किल हो रहा है। जिससे अचानक बढ़ी यात्रियों की संख्या के कारण रेलवे की तैयारियां कम पड़ती नजर आ रही हैं। स्टेशन पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण स्थिति बार-बार बिगड़ रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बता दें कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे लोग अपनी जान जोखिम में डालकर स्टेशन से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो ने प्रशासन की तैयारियों और भीड़ नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हालात
जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसी रेलवे स्टेशन पर इतनी भारी भीड़ देखने को मिली हो, लेकिन इस बार LPG संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। वहीं, पहले जहां भीड़ सिर्फ त्योहारों या छुट्टियों में देखने को मिलती थी, अब आर्थिक संकट के कारण भी लोग बड़े पैमाने पर पलायन कर रहे हैं।
अब आगे क्या हो सकता है?
ऐसे में अगर LPG की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो हालात बिगड़ सकते हैं।
- फैक्ट्रियां बंद हो सकती हैं।
- मजदूरों का पलायन और तेज हो सकता है।
- रेलवे स्टेशनों पर भीड़ और बढ़ सकती है।
- उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
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