Mamata Banerjee High Court Petition: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख नेता ममता बनर्जी पिछले कुछ दिनों से खबरों की सुर्खियों में बनी हुई है। दरअसल, बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर मिली हार को कलकत्ता हाईकोर्ट (Kolkata High Court) में चुनौती दी है। मंगलवार को ममता बनर्जी खुद हाईकोर्ट पहुंचीं और चुनाव परिणाम को लेकर दायर याचिका से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और कल्याण बनर्जी भी मौजूद रहे। उनके अचानक हाईकोर्ट पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ऐसे में आइए खबर आज की (khaberaajki) इस खबर में जाने क्या है पूरा मामला और आगे की स्थिति क्या रहने वाली है।
भवानीपुर सीट पर मिली ममता को करारी हार
भवानीपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल (Bhawanipur Assembly seat, West Bengal) की सबसे चर्चित सीटों में से एक रही। इस सीट पर ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से था। चुनाव परिणाम में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,104 वोटों के अंतर से हराया था।
आंकड़ों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट हासिल हुए। वहीं, तीसरे स्थान पर सीपीएम उम्मीदवार श्रीजीब विश्वास रहे, जिन्हें 3,556 वोट प्राप्त हुए। दोनों के ही बीच यह मुकाबला शुरुआत से ही चुनावी रणनीतियों से भरा रहा। मतगणना के शुरुआती 16 से 17 राउंड तक ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए थीं। हालांकि जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर कम होता गया। अंतिम दौर में शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त हासिल कर ली और बंगाल की सत्ता पर अपना कब्जा कर लिया।
मतगणना के दौरान हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, 4 मई 2026 को भवानीपुर सीट की मतगणना के दौरान कई विवाद सामने आए थे। मतगणना केंद्र के बाहर और अंदर दोनों जगह राजनीतिक तनाव देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता स्थित सखावत मेमोरियल स्कूल (Kolkata-based Sakhawat Memorial School) में बनाए गए मतगणना केंद्र पर कुछ समय के लिए वोटों की गिनती रोकनी पड़ी थी। चुनाव अधिकारियों ने बताया था कि एक व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर मतगणना केंद्र के अंदर प्रवेश कर गया था। नियमों के उल्लंघन के कारण प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और जांच के बाद दोबारा शुरू किया गया।
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया था। तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) ने कई गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया था।
ममता ने लगाए गंभीर आरोप
मतगणना के अंतिम चरण में जब मुकाबला लगभग खत्म हो ही गया, तब ममता बनर्जी स्वयं मतगणना केंद्र पहुंच गई थीं। वहां उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए थे।
ममता बनर्जी का आरोप था कि उनके चुनाव एजेंटों को मतगणना केंद्र (Vote Counting Centre) में प्रवेश करने से रोका गया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि सीसीटीवी (CCTV) कैमरे बंद कर दिए गए थे और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें स्वयं धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। चुनाव आयोग (Election Commission) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी थीं। अब उन्हीं घटनाओं को आधार बनाकर ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को अदालत में खुली चुनौती दी है।

हाईकोर्ट में शुरू होगी कानूनी लड़ाई
बताया जा रहा है कि अब भवानीपुर चुनाव परिणाम (Bhawanipur Election Results) को लेकर दायर यह याचिका पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। अदालत अब चुनाव प्रक्रिया, मतगणना और परिणाम से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करेगी। यदि अदालत याचिका को स्वीकार करती है तो चुनाव से जुड़े कई दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
इस संदर्भ में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) का कहना है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत न्यायिक रास्ता अपना रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि जनता ने अपना फैसला सुना दिया है और चुनाव परिणाम पूरी तरह पारदर्शी रहे हैं।
2021 में भी नंदीग्राम की हार को दी थी चुनौती
यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने अपनी चुनावी हार के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया हो। इससे पहले वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर भी उन्हें वर्तमान में बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव के बाद भी ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के परिणाम को अदालत में चुनौती दी थी। वह मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में लंबित बताया जाता है। अब भवानीपुर सीट (Bhawanipur Seat) के नतीजों को लेकर नई याचिका दाखिल होने से पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
बंगाल की राजनीति में अब आगे क्या होगा?
देखा जाए तो अब सभी की नजरें कलकत्ता हाईकोर्ट (Kolkata High Court) की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। यदि मामले की विस्तृत सुनवाई होती है तो चुनावी प्रक्रिया और मतगणना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हो सकती है।



