West Bengal STF: आतंकी नेटवर्क को लेकर शनिवार को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक हैरान करने देने वाला दावा दिया है, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा गई है। दरअसल, बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स के निशाने पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी है। जांच के दौरान ऐसे संदिग्ध नेटवर्क का पता चला है, जिसके तार पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स से जुड़े होने की बात सामने आई है। इस नेटवर्क से जुड़े 2 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं।
हालांकि, अभी तक इस पूरे मामले में सामने आए दावों की सही तरह से पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने तक सामने आई जानकारियों को STF के दावे के तौर पर देखा जा रहा है।
2 संदिग्धों की गिरफ्तारी का दावा
STF के अनुसार, इस मामले में हमीम मंडल और अर्पिता सरकार नाम के 2 लोगों को हिरासत में लिया है। बताया गया है कि हमीम मंडल बर्दवान (Hamim Mandal Bardhaman) का रहने वाला है, जबकि अर्पिता सरकार का संबंध झारखंड के साहिबगंज से बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, जांच की शुरुआत हावड़ा के एक वरिष्ठ मंत्री को कथित तौर पर मिली रंगदारी की धमकी और उनके बेटे के अपहरण की साजिश के बाद हुई है। इसी दौरान जांच एजेंसियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय एक संदिग्ध हैंडल (Suspicious Handle) के बारे में भी जानकारी मिली है। STF ने कथित तौर पर इस सोशल मीडिया गतिविधि की जांच की और इसके बाद हमीम मंडल तक पहुंचने का दावा किया।
पाकिस्तान से जुड़े हैंडल्स से संपर्क का दावा
वही, जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट और कथित WhatsApp और Telegram चैट की जांच की गई। इस दौरान ‘राणा’, ‘आबिद जट’, ‘उजैर’ और ‘हाद’ जैसे नामों वाले कुछ संदिग्ध हैंडल सामने आने की बात कही गई है।
STF का दावा है कि इन हैंडल्स के जरिए पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स से संपर्क किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपर्कों का उद्देश्य क्या था और इस नेटवर्क में भारत के अंदर कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
शुभेंदु अधिकारी पर रखी गई नजर का दावा
देखा जाए तो इस पूरे मामले का पहलू BJP नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से जुड़ा बताया जा रहा है। STF के दावे के अनुसार, कथित पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स ने हमीम मंडल को शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, अधिकारी के आने-जाने के रास्ते, काफिले और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही थी। यदि जांच में यह आरोप सही साबित होता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद गंभीर मामला हो सकता है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से भी कनेक्शन?
STF ने कथित तौर पर यह भी दावा किया है कि आरोपियों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी फैलाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, भीड़ में आसानी से शामिल होने और पहचान छिपाने के लिए पुलिस की वर्दी (Police Uniform) हासिल करने की योजना बनाई जा रही थी। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या प्रदर्शन के दौरान वास्तव में किसी तरह की साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई थी।
STF नेटवर्क की जांच में जुटी
मिली जानकारी के अनुसार, STF ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, उनके संपर्कों और संभावित फंडिंग की जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करने में जुटी हुई है कि कथित नेटवर्क (Alleged Network) को किसी तरह की आर्थिक मदद, हथियार या अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। डिजिटल डिवाइस और ऑनलाइन चैट (Chat Online) की जांच से आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, इस गंभीर मामले में पुलिस के दावों और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
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