West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बता दें NCPI नेता जगदीश बसुनिया ने दावा किया है कि इन 20 सांसदों में से 17 जल्द ही भारतीय जनता पार्टी यानि (BJP) में शामिल होंगे। वहीं, तीन मुस्लिम सांसद NCPI में बने रहकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन जारी रखेंगे। हालांकि, सांसदों के दल बदलने को लेकर कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
जानकारी के लिए बता दें कि यह मामला ऐसे समय पर सामने आया है, जब TMC के इन 20 सांसदों के दूसरे राजनीतिक दल में शामिल होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी सांसदों से इस मामले में जवाब मांगा है। अब 22 सितंबर की तारीख को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। आइए जानते हैं यहां खबर को लेकर पूरी जानकारी
20 सांसदों के BJP में जाने का दावा
NCPI नेता जगदीश बसुनिया का कहना है कि TMC छोड़कर NCPI में शामिल हुए 20 सांसदों ने NDA के साथ जाने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया कि इनमें से 17 सांसद भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि BJP में शामिल होने की प्रक्रिया में अभी कुछ समय लगेगा।
बसुनिया का यह भी कहना है इन सांसदों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करना है। इसी वजह से उन्होंने NDA के साथ जाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सांसदों ने BJP में शामिल होने का फैसला किया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का रास्ता साफ होगा।
तीन मुस्लिम सांसद NCPI में ही रहेंगे
जगदीश बसुनिया ने बताया कि 20 बागी सांसदों में से अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान NCPI में ही बने रहेंगे। उनके मुताबिक, ये तीनों सांसद BJP में शामिल नहीं होंगे, लेकिन NDA का समर्थन करते रहेंगे।
बसुनिया ने दावा किया कि तीनों सांसद NDA की बैठकों में भी शामिल होंगे। उन्होंने इसके पीछे उनके लोकसभा क्षेत्रों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को वजह बताया। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक आबादी अधिक है। इसलिए तीनों सांसद सीधे BJP में शामिल होने के बजाय NCPI में रहकर NDA का समर्थन जारी रखेंगे। हालांकि, इन सांसदों के भविष्य को लेकर अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

दलबदल विरोधी कानून का क्या है मामला?
TMC के बागी सांसदों के मामले में दलबदल विरोधी कानून भी अहम है। बसुनिया ने दावा किया कि TMC के कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने पार्टी से अलग होकर दूसरे राजनीतिक दल के साथ जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह संख्या दो-तिहाई से अधिक है और इसी आधार पर सांसदों को दलबदल विरोधी कानून से संरक्षण मिलना चाहिए।
दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई विधायक या सांसद किसी दूसरे दल में विलय करते हैं, तो उन्हें कुछ परिस्थितियों में अयोग्यता से छूट मिल सकती है। लेकिन इस मामले में सांसदों के NCPI में शामिल होने और NDA के साथ जाने की कानूनी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सांसदों का दावा है कि उन्होंने पार्टी से अलग होकर कानूनी प्रावधानों के तहत कदम उठाया है। वहीं, TMC ने उनके खिलाफ लोकसभा स्पीकर के पास शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
22 सितंबर तक जवाब देंगे सांसद
TMC ने अपने 20 सांसदों के खिलाफ लोकसभा स्पीकर के पास शिकायत की है। इसके बाद सांसदों से जवाब मांगा गया। पहले उन्हें 26 अगस्त तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था, लेकिन सांसदों ने अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद जवाब दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 22 सितंबर कर दी गई। अब सांसदों को इस तारीख तक अपना जवाब देना है। इसके बाद लोकसभा स्पीकर मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं।
बता दें इस मामले की कानूनी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। इसलिए सांसदों के राजनीतिक भविष्य पर अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है।
लोकसभा रिकॉर्ड में अभी भी TMC सांसद
TMC के 20 सांसदों के NCPI में शामिल होने और NDA के साथ जाने की घोषणा के बावजूद लोकसभा के रिकॉर्ड में वे अभी भी TMC सांसद हैं। इसका कारण यह है कि उनके दल बदलने को लेकर लोकसभा स्पीकर की ओर से अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।
NCPI को एक रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल बताया गया है। सांसदों के इस दल में शामिल होने के बाद से ही राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अब देखना होगा कि लोकसभा स्पीकर के सामने दाखिल जवाब और सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद इस मामले में क्या फैसला आता है। फिलहाल, 22 सितंबर की तारीख इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि 20 बागी सांसदों का भविष्य क्या होगा और उनमें से कितने सांसद BJP में शामिल होंगे।
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