Noida International Airport: उत्तर प्रदेश और देश के एविएशन सेक्टर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से सोमवार से नियमित कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है। सुबह लखनऊ से इंडिगो की पहली फ्लाइट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेगी और इसके साथ ही एयरपोर्ट का व्यावसायिक संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे और बोर्डिंग गेट का उद्घाटन कर एयरपोर्ट की कमर्शियल सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन, राज्य सरकार और विमानन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई उड़ानें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद से ही लोगों को यहां से नियमित उड़ानों के शुरू होने का इंतजार था। पिछले कई महीनों से एयरपोर्ट पर तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा ऑडिट, रनवे ट्रायल और विभिन्न एजेंसियों की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही थी। अब सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एयरपोर्ट पूरी तरह से व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार हो गया है। सोमवार सुबह लखनऊ से इंडिगो की उद्घाटन उड़ान एयरपोर्ट के रनवे पर उतरते ही एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।
लखनऊ से आएगी पहली फ्लाइट
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार इंडिगो की पहली कमर्शियल फ्लाइट सुबह 8:05 बजे लखनऊ से उड़ान भरकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। इस उद्घाटन उड़ान में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल, कई उद्योगपति परिवारों के सदस्य और अन्य विशेष अतिथि शामिल होंगे। फ्लाइट के एयरपोर्ट पहुंचने पर विशेष स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
नोएडा से बेंगलुरु के लिए रवाना होगी पहली उड़ान
लखनऊ से आने वाली उद्घाटन फ्लाइट कुछ समय बाद यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना होगी। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार विमान सुबह 8:35 बजे नोएडा से उड़ान भरकर बेंगलुरु जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट का पहला नियमित वाणिज्यिक रूट भी शुरू हो जाएगा। एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि बेंगलुरु जैसे बड़े कारोबारी शहर से कनेक्टिविटी मिलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापार और उद्योग को बड़ा फायदा होगा।
किसानों और कामगारों का विशेष दौरा
उद्घाटन कार्यक्रम का एक विशेष पहलू यह भी है कि जेवर क्षेत्र के किसान और कामगार भी पहली उड़ानों का हिस्सा बनेंगे। जानकारी के अनुसार कुछ किसान और श्रमिक प्रतिनिधि नोएडा एयरपोर्ट से लखनऊ जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होगी। इस पहल का उद्देश्य एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े स्थानीय लोगों को विकास यात्रा का सहभागी बनाना बताया जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलेगा बड़ा फायदा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मेरठ, हाथरस, कासगंज और आसपास के कई जिलों के लोगों को अब हवाई यात्रा के लिए दिल्ली पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
इंडिगो जोड़ेगी 16 से अधिक शहर
एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने घोषणा की है कि वह चरणबद्ध तरीके से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ेगी। आने वाले महीनों में मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर और अन्य बड़े शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होने की संभावना है। इससे एयरपोर्ट का यात्री आधार तेजी से बढ़ेगा।
दिल्ली-NCR को मिलेगा नया एविएशन हब
वर्तमान में दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। भविष्य में यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित हो सकता है।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
जेवर एयरपोर्ट परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, होटल, कारोबारी केंद्र, औद्योगिक इकाइयां और रियल एस्टेट परियोजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र उत्तर भारत का बड़ा आर्थिक केंद्र बन सकता है।
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लंबे समय से इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब बनाना है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर और अब जेवर एयरपोर्ट इस रणनीति की प्रमुख कड़ियां मानी जा रही हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। यहां डिजिटल चेक-इन, ऑटोमेटेड बैगेज सिस्टम, स्मार्ट सिक्योरिटी मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। भविष्य में इसके विस्तार के साथ इसे दुनिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स की श्रेणी में लाने की योजना है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट केवल यात्रा का माध्यम नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास का इंजन साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, पर्यटन, व्यापार, निर्यात और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
Read Related News: उन्नाव में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ एक लाख का इनामी इजराइल, बाबा मिलन दास हत्याकांड का था मुख्य आरोपी



