Petrol-Diesel Price Hike: देशभर में महंगाई से परेशान आम लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी कर दी है. नई दरें शनिवार सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं. पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ता नजर आ रहा है. पेट्रोल और डीजल महंगे होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से जारी नए रेट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल का नया रेट 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल का नया रेट 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.
10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम
मई 2026 में ईंधन कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी. यह करीब चार साल बाद इतनी बड़ी वृद्धि थी. इसके बाद 19 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे. अब एक बार फिर कीमतों में इजाफा होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी इसका मुख्य कारण है. तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा था, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी.
बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
नई कीमतें लागू होने के बाद देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार हैं:
दिल्ली
- Petrol : 99.51 रुपये प्रति लीटर
- Diesel : 92.49 रुपये प्रति लीटर
मुंबई
- Petrol : 108.49 रुपये प्रति लीटर
- Diesel : 95 रुपये से अधिक
कोलकाता
- Petrol : 110.64 रुपये प्रति लीटर
- Diesel : 96 रुपये के करीब
चेन्नई
- Petrol : 103.31 रुपये प्रति लीटर
- Diesel : 94 रुपये के आसपास
राज्यों में वैट और स्थानीय टैक्स अलग-अलग होने की वजह से हर शहर में ईंधन की कीमतें अलग रहती हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं. हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन की दिक्कतें और उत्पादन में कटौती जैसे कारणों से क्रूड ऑयल महंगा हुआ है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी तेल आयात को महंगा बना दिया है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी भी हलचल सीधे घरेलू बाजार को प्रभावित करती है.
तेल कंपनियों का दावा- भारी नुकसान झेलना पड़ रहा
सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उन्हें रोजाना भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. एक अनुमान के मुताबिक पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल पर कंपनियों को प्रतिदिन करीब 1380 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. इसी नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं. हालांकि विपक्षी दलों ने सरकार और तेल कंपनियों पर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया है.
आम आदमी की जेब पर सीधा असर
पेट्रोल और डीजल महंगे होने का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ता है. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, भोपाल, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वालों का मासिक खर्च बढ़ जाएगा. ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों ने भी किराया बढ़ाने के संकेत दिए हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल, सब्जियां, दूध और राशन जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
CNG और LPG भी पहले हो चुके हैं महंगे
हाल ही में दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी. इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कई बार बदलाव हो चुका है. लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में और महंगाई देखने को मिल सकती है.
परिवहन सेक्टर पर बड़ा असर
ईंधन कीमतों में वृद्धि का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ता है. ट्रक ऑपरेटरों और बस संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ते डीजल के दामों से परिचालन लागत बढ़ रही है. अगर यही स्थिति बनी रही तो मालभाड़ा बढ़ सकता है, जिसका असर बाजार में बिकने वाले लगभग हर सामान पर दिखाई देगा. रेलवे और एयरलाइंस सेक्टर पर भी ईंधन लागत का असर पड़ सकता है.
विपक्ष ने सरकार को घेरा
ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. कई नेताओं ने कहा कि आम आदमी पहले से ही महंगाई से परेशान है और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से स्थिति और खराब होगी. विपक्ष ने केंद्र से एक्साइज ड्यूटी और टैक्स कम करने की मांग की है ताकि जनता को राहत मिल सके. सोशल मीडिया पर भी लोग बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें कम नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं सरकार टैक्स में कटौती करती है या तेल कंपनियों को राहत देती है तो कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि कीमतों में जल्द कमी आएगी. ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में महंगे ईंधन के लिए तैयार रहना पड़ सकता है.
ऐसे चेक करें अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट
लोग घर बैठे SMS या मोबाइल ऐप के जरिए अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जान सकते हैं.
- इंडियन ऑयल के ग्राहक RSP और शहर का नाम लिखकर 9224992249 पर SMS भेज सकते हैं.
- BPCL ग्राहक RSP लिखकर 9223112222 पर भेज सकते हैं.
- HPCL ग्राहक HPPRICE लिखकर 9222201122 पर SMS भेज सकते हैं.
इसके अलावा तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भी रोजाना अपडेटेड कीमतें उपलब्ध रहती हैं.
महंगाई का बढ़ता दबाव
देश में पहले से ही खाद्य पदार्थों, बिजली, गैस और परिवहन की कीमतें बढ़ रही हैं. अब पेट्रोल और डीजल महंगा होने से महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है. आर्थिक जानकारों का मानना है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर हर सेक्टर पर दिखाई देता है. ऐसे में आम लोगों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है. आने वाले दिनों में सरकार और तेल कंपनियां क्या कदम उठाती हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
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