Sanjay Singh Statement: दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) में हुई टूट और बगावत को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पहली बार खुलकर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बताया जा रहा है की एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने पार्टी में हुई बगावत, संदीप पाठक के इस्तीफे और अन्य बागी नेताओं को लेकर कई अहम बातें कहीं।
संजय सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी के कुछ नेताओं के अचानक अलग होने से काफी हैरानी हुई। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें इस बात की कोई भनक तक नहीं थी कि कुछ नेता पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, उन्होंने यह भी दोहराया कि वह आखिरी सांस तक आम आदमी पार्टी के साथ रहेंगे और कभी भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल नहीं होंगे।
राघव चड्ढा को लेकर सवाल पर साधी चुप्पी
पॉडकास्ट में संजय सिंह से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले राघव चड्ढा आखिर पार्टी से नाराज क्यों हुए और बागी खेमे के साथ क्यों दिखाई दिए। हालांकि, इस सवाल पर संजय सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने राघव चड्ढा का नाम लेकर किसी तरह की टिप्पणी करने से बचते हुए विषय को आगे बढ़ा दिया। उनके इस रवैये को राजनीतिक गलियारों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संदीप पाठक के जाने पर जताया दुख
बता दें की संजय सिंह ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे संदीप पाठक को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने की खबर ने उन्हें काफी हैरान किया। उन्होंने कहा, “संदीप पाठक ने पार्टी क्यों छोड़ी, इसका जवाब वही बेहतर दे सकते हैं। मुझे उनके जाने का दुख भी हुआ और हैरानी भी हुई। हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठाने वाले हैं।”
संजय सिंह ने कहा कि अगर उन्हें पहले से इसकी जानकारी मिल जाती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
भनक लगती तो रोकने की कोशिश करते
दरअसल जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी नेतृत्व संदीप पाठक को रोक सकता था, तो संजय सिंह ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति को तभी रोका जा सकता है जब उसके जाने की जानकारी पहले से हो। उन्होंने कहा, “अगर हमें पता होता कि वह पार्टी छोड़ने वाले हैं तो निश्चित रूप से उन्हें मनाने और रोकने की कोशिश की जाती। लेकिन सच यह है कि हमें इसकी कोई जानकारी नहीं थी।” साथ ही, संजय सिंह ने कहा कि वह पूरी ईमानदारी से यह बात कह रहे हैं और इसमें किसी तरह की राजनीतिक रणनीति या बयानबाजी नहीं है।

संदीप पाठक की अनदेखी के आरोपों को बताया गलत
आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर यह चर्चा भी रही कि संदीप पाठक को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा था। इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
इस सवाल के जवाब में संजय सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में से एक थे और उन्हें संगठन में कई बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
संजय सिंह ने कहा कि संदीप पाठक को पंजाब संगठन, दिल्ली संगठन और राज्यसभा से जुड़े कई अहम कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत होगा कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था।
अशोक मित्तल को लेकर लगाए गंभीर आरोप
संजय सिंह ने बागी सांसद अशोक मित्तल को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक मित्तल और उनके परिवार पर विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाया गया।
संजय सिंह के मुताबिक, अशोक मित्तल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई हुई थी, जो कई दिनों तक चली। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया गया।
संजय सिंह ने कहा, “उनके बेटे को डराया गया, धमकाया गया और दबाव बनाया गया। ऐसे हालात में किसी भी व्यक्ति पर मानसिक दबाव बन सकता है।”हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित एजेंसियों या अन्य पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पार्टी में टूट की भनक तक नहीं लगी
AAP सांसद ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व को बगावत की कोई जानकारी पहले से नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर नेतृत्व को समय रहते संकेत मिल जाते तो बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा सकती थी। साथ ही, पार्टी के भीतर कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं और संगठन लगातार उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा था। ऐसे में अचानक हुए घटनाक्रम ने सभी को चौंका दिया।
BJP में जाने की अटकलों पर दिया जवाब
राजनीति में अक्सर नेताओं के दल बदलने की चर्चाएं होती रहती हैं। इसी को लेकर संजय सिंह से सवाल पूछा गया कि क्या भविष्य में वह कभी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। इस पर उन्होंने बेहद स्पष्ट और दो टूक जवाब दिया। संजय सिंह ने कहा कि वह जीवनभर आम आदमी पार्टी के साथ रहेंगे और कभी भी BJP में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, “मैं आखिरी सांस तक आम आदमी पार्टी में रहूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि संजय सिंह AAP नहीं छोड़ेगा और BJP जॉइन नहीं करेगा।”
AAP के लिए चुनौतीपूर्ण दौर
आम आदमी पार्टी पिछले कुछ महीनों से लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। कई नेताओं के इस्तीफे और अंदरूनी मतभेदों की खबरों ने पार्टी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
ऐसे समय में संजय सिंह का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराने के साथ-साथ बागी नेताओं के जाने पर दुख भी व्यक्त किया है।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में AAP नेतृत्व को संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
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