Jantar Mantar Protest: दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बताया जा रहा है की जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। ऐसे में हालात को देखते हुए जंतर-मंतर के करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से मध्यरात्रि तक बंद कर दिया गया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी आवास के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बड़े स्तर पर लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
जानकारी के लिए बता दें की इन फैसलों के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। सरकार और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर इंटरनेट सेवा की गई बंद
प्रशासन का कहना है कि जंतर-मंतर के आसपास लगातार बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। ऐसे में अफवाहों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद किया गया है। अधिकारियों का कहना है की यह फैसला पूरी तरह एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
अमित शाह के आवास के बाहर धारा 163 लागू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी आवास के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। यहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई है। इस प्रावधान के तहत बड़ी संख्या में लोगों के जुटने, प्रदर्शन करने या किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने पर रोक लगाई जाती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है और इसका उद्देश्य किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकना है।
कनॉट प्लेस में समय से पहले बंद हुई दुकानें
दरअसल छात्र आंदोलन का असर राजधानी के प्रमुख कारोबारी क्षेत्र कनॉट प्लेस पर भी देखने को मिला। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) की एडवाइजरी के बाद गुरुवार शाम 6:30 बजे के बाद कई दुकानों, शोरूम और रेस्तरां ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों और संभावित भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया। सामान्य दिनों की तुलना में शाम के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दी।
केजरीवाल ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर NDTA की एडवाइजरी साझा करते हुए सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ रात में कोई बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
केजरीवाल की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
दिल्ली पुलिस ने दी सफाई
अरविंद केजरीवाल के सवाल के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। जिसमें पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर रात में किसी प्रकार की कार्रवाई या क्रैकडाउन की कोई योजना नहीं है।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और सभी कदम उसी दिशा में उठाए जा रहे हैं।
गांधी स्मृति पहुंचे INDIA गठबंधन के नेता
उधर, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर बैठक के बाद INDIA गठबंधन के कई सांसद और वरिष्ठ नेता गांधी स्मृति पहुंचे।
गांधी स्मृति में नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके साथ संवाद स्थापित किया जाना चाहिए।
सरकार बोली- बातचीत के लिए दरवाजे खुले
छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत का रास्ता अभी भी नहीं निकल पाया है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि वह लगातार संवाद की कोशिश कर रही है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार अब तक कई बार छात्रों से बातचीत की पहल कर चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे पूरी तरह खुले हैं और छात्र प्रतिनिधि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या उनके कार्यालय में आकर बातचीत कर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से हर मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है और इसके लिए केंद्र पूरी तरह तैयार है।
छात्रों की मांग पर कायम CJP
बता दें प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CJP ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। जिसमें संगठन का कहना है कि बातचीत किसी राजनीतिक कार्यालय में नहीं बल्कि जंतर-मंतर के पास किसी निष्पक्ष स्थान पर होनी चाहिए।
ऐसे में छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि वे अपनी मूल मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक उनकी शर्तों के अनुसार वार्ता नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी में बढ़ी सतर्कता
दिल्ली में बढ़ते आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्ट किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें। वहीं राजनीतिक बयानबाजी और छात्रों के प्रदर्शन के बीच राजधानी का माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और आंदोलन का आगे क्या स्वरूप रहता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



