Italy Burqa Ban in Schools: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित (Italy Burqa Ban 2026) के तहत स्कूल परिसर में चेहरा ढकने वाले कपड़ों पर रोक लग सकती है। इसके अलावा, कक्षाओं में foreign students की संख्या सीमित करने और कुछ विदेशी अभिभावकों के लिए Italian language सीखना अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य स्कूलों में भाषा की समस्या कम करना, छात्रों के बेहतर एकीकरण को बढ़ावा देना और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना है। प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। ऐसे में आइए यहां जानें खबर को लेकर पूरी जानकारी
स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध की तैयारी
इटली में स्कूलों से जुड़े नए नियमों को लेकर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बड़ा बयान दिया है। मेलोनी ने अपनी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ (Brothers of Italy) के युवा संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘फेनिक्स’ (Fenix) के दौरान प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूल आने वाले बच्चों का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
मेलोनी के मुताबिक, किसी भी लड़की या युवती को किसी परंपरा या सामाजिक दबाव के कारण अपना चेहरा ढकने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। सरकार इसी सोच के आधार पर स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और उसे औपचारिक रूप से लागू करने के लिए सरकार की कैबिनेट प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
विदेशी छात्रों की संख्या पर भी नया नियम
इटली सरकार स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या को लेकर भी नियमों को सख्त करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, किसी कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या एक निश्चित सीमा से अधिक नहीं होने दी जाएगी।
मेलोनी ने इस व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि इटली के बच्चों को अपनी ही कक्षा में अल्पसंख्यक जैसा महसूस नहीं होना चाहिए। उनका तर्क है कि अगर किसी कक्षा में भाषा नहीं जानने वाला एक विदेशी छात्र है, तो शिक्षक और दूसरे बच्चे उसकी मदद करके उसे जल्दी इतालवी भाषा और स्कूल के माहौल में ढाल सकते हैं। लेकिन सरकार के मुताबिक, जब किसी कक्षा में भाषा और सांस्कृतिक अंतर वाले छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है, तो शिक्षकों के लिए सभी बच्चों पर समान ध्यान देना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सरकार विदेशी छात्रों के बेहतर एकीकरण के लिए संख्या को नियंत्रित करने पर जोर दे रही है।

पहले से लागू है 30 फीसदी की सीमा
इटली में विदेशी छात्रों को लेकर 30 प्रतिशत की सीमा का नियम पहले से मौजूद है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2010 से स्कूलों में एक व्यवस्था लागू है, जिसके तहत किसी कक्षा या स्कूल में विदेशी छात्रों की संख्या कुल नामांकन के 30 प्रतिशत तक सीमित रखने का प्रावधान है।
नेशनल स्टैटिस्टिक्स इंस्टीट्यूट यानी ISTAT के आंकड़ों के अनुसार, इटली के स्कूलों में पढ़ने वाले कुल बच्चों में विदेशी छात्रों की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत है। सरकार अब मौजूदा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा जरूरत के अनुसार नियमों को लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
विदेशी अभिभावकों के लिए भाषा सीखना जरूरी
नए प्रस्ताव का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा विदेशी छात्रों के माता-पिता से जुड़ा है। सरकार की योजना के तहत उन विदेशी अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना जरूरी किया जा सकता है, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में गंभीर परेशानी हो रही है।
सरकार का मानना है कि बच्चे की शिक्षा और सामाजिक विकास में परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अगर माता-पिता स्कूल और शिक्षकों के साथ संवाद नहीं कर पाते हैं, तो बच्चे को भी स्कूल व्यवस्था के साथ जुड़ने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए भाषा सीखने की शर्त को एकीकरण की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।
कैबिनेट में पेश होगा प्रस्ताव
मेलोनी सरकार के इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इसके बाद नियमों के अंतिम स्वरूप और लागू होने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। इटली में इमिग्रेशन, विदेशी आबादी और सांस्कृतिक एकीकरण लंबे समय से राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। मेलोनी सरकार के नए शिक्षा प्रस्ताव में भी इन्हीं मुद्दों को स्कूल व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रस्तावित बदलावों में एक तरफ स्कूलों में चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाने की बात है, तो दूसरी तरफ विदेशी छात्रों की संख्या और उनके परिवारों की भाषा क्षमता को लेकर नियम सख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रस्तावों के लागू होने के बाद इटली की स्कूल व्यवस्था में विदेशी छात्रों के एकीकरण को लेकर सरकार की नीति में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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