PM Modi Foreign Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से चार दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान वह पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे, जहां राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे और SCO के 25वें शिखर सम्मेलन (Summit 2026) में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत कई वैश्विक नेताओं से होने की संभावना है। यह दौरा भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान में रहेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद पहुंचेंगे। यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर बातचीत होगी।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के मुताबिक, भारत और उज्बेकिस्तान के बीच पिछले कई वर्षों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों पर भी एक-दूसरे के साथ सहयोग करते रहे हैं।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की मुलाकात के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और नए क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे।
2011 में बनी थी रणनीतिक साझेदारी
भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों में 2011 का साल काफी महत्वपूर्ण रहा। इसी वर्ष दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। इसके बाद से व्यापार, संस्कृति, शिक्षा, रक्षा और कूटनीति सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष अपनी-अपनी विकास योजनाओं को लेकर भी चर्चा करेंगे। इसमें भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और उज्बेकिस्तान के ‘उज्बेकिस्तान-2030’ विजन को लेकर सहयोग की संभावनाएं शामिल हैं।ताशकंद में पीएम मोदी लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे। इन स्थलों पर प्रधानमंत्री की यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित करेगी।
इसके बाद किर्गिस्तान जाएंगे प्रधानमंत्री
उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के लिए रवाना होंगे। वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर झापारोव के निमंत्रण पर वहां पहुंचेंगे।
बिश्केक में पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में SCO सदस्य देशों के प्रमुख नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन में सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख एजेंडे में रह सकते हैं। आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के अलावा क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा होने की संभावना है।
#WATCH | Delhi | MEA Secretary (West) Sibi George says, "The Prime Minister will visit Uzbekistan from August 29 to 30 at the invitation of the President of Uzbekistan… Over the past several years, India and Uzbekistan have maintained extensive and fruitful engagements, both in… pic.twitter.com/fjKWpdKpaS
— ANI (@ANI) August 27, 2026
पुतिन और शी चिनफिंग से हो सकती है मुलाकात
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत कई नेताओं से मुलाकात होने की संभावना है। पीएम मोदी सम्मेलन से इतर कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक भी कर सकते हैं। बता दें इन बैठकों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर बातचीत हो सकती है। खासकर सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
SCO सम्मेलन भारत के लिए मध्य एशिया और यूरेशियाई क्षेत्र के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने का भी एक अहम मंच होगा। भारत लंबे समय से इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी, व्यापार और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर देता रहा है।
SCO में भारत की प्राथमिकताएं होंगी अहम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के दौरान सुरक्षा, संपर्क और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सहयोग को भारत लगातार अपनी विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता रहा है। इसके अलावा क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग और बेहतर संपर्क व्यवस्था को लेकर भी भारत अपनी बात रख सकता है। मध्य एशिया के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों को देखते हुए पीएम मोदी की यह यात्रा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगी।
विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन में भी शामिल होंगे
किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति और खेलों को वैश्विक मंच प्रदान करता है। इस तरह पीएम मोदी की चार दिवसीय यात्रा में द्विपक्षीय बैठकों से लेकर बहुपक्षीय कूटनीति तक कई अहम कार्यक्रम शामिल होंगे। उज्बेकिस्तान में भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और किर्गिस्तान में SCO के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा एवं सहयोग पर चर्चा इस दौरे के प्रमुख केंद्र में रहेगी।
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