PM Modi Uzbekistan’s Highest Honour: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों उज्बेकिस्तान के दौरे पर हैं, जहां पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने आज उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग, बिजनेस कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
वहीं, इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से भी सम्मानित किया गया। ऐसे क्या है यह सम्मान और किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से हुए सम्मानित
जैसा कि आपको अभी बताया बताया गया कि पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। इस सर्वोच्च सम्मान का नाम ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ (Oli Darjali Dostlik) है। इस खास सम्मान के मिलने पर पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति और वहां की जनता का आभार जताया। जहां प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ ऑर्डर पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत और अटूट रिश्ते भी कहा है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई दिशा देने पर जोर
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव (President Shavkat Mirziyoyev) के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को अधिक मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी के 15 साल पूरे हो रहे हैं। अब दोनों देश अपने रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय के लिए दोनों ही देश नए लक्ष्य तय करने की दिशा में अपने कदम बढ़ाएंगे और उनके आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने उज्बेकिस्तान की ओर से तैयार की गई उस किताब का भी जिक्र किया, जिसमें भारत और उज्बेकिस्तान के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई अहम क्षेत्रों और परियोजनाओं की पहचान की गई है। प्रधानमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर इन दिशा में तेजी के साथ काम करने में जुटे हैं।
May the India-Uzbekistan friendship flourish!
May our bilateral partnership progress across sectors and may our people be prosperous.@president_uz https://t.co/UTGB8xJ2zm pic.twitter.com/grVQiJcS4w
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
यूरेनियम सप्लाई के लिए बनेगी लंबी अवधि की व्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ हुई बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा यूरेनियम सप्लाई समझौता (Uranium Supply Agreement) भी अहम है। दोनों देश यूरेनियम की सप्लाई के लिए लंबी अवधि की व्यवस्था बनाने पर काम करेंगे।
यूरेनियम परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) उत्पादन के लिए एक बेहद ही जरूरी संसाधन है। ऐसे में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच इस क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों को नई मजबूती दे सकता है।
विदेश मंत्रियों के स्तर पर बनेगी समन्वय परिषद
वहीं, इन दोनों ही देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय परिषद बनाने का फैसला लिया गया है। यह परिषद भारत और उज्बेकिस्तान के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा करने और नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने में मदद करेगी।
इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि दोनों देश एक बिजनेस समिट (India Uzbekistan Business Summit) का आयोजन भी करेंगे। इसमें भारत और उज्बेकिस्तान के कारोबारी और उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर तलाशना होगा।
3 सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौते
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौते (Sister-State Agreements) भी किए जा रहे हैं। इन समझौतों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर व्यापार, संस्कृति, शिक्षा, तकनीक और विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन समझौतों (India Uzbekistan Trade Deal) का पूरी क्षमता से इस्तेमाल हो, इसके लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जाएगा। उन्होंने उज्बेकिस्तान के न्यू ताशकंद और भारत के गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि विकास और तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।
एक अरब डॉलर के पार पहुंचा दोनों देशों का व्यापार
वहीं, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने भारत को अपना रणनीतिक साझेदार बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचा। इसके साथ ही हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संयुक्त उपक्रम यानी जॉइंट वेंचर (Joint Venture) की संख्या में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने दोनों देशों के बीच बढ़ती कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर सप्ताह करीब 14 सीधी उड़ानें संचालित होती हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत बन रहे हैं।
भारतीयों के लिए वीजा फ्री सुविधा से बढ़ेगा संपर्क
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने भारतीय नागरिकों के लिए शुरू की गई 30 दिन की वीजा फ्री सुविधा (Visa-free Facility for Indians) को भी बहुत ही जरूरी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और लोगों का संपर्क और बढ़ेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि पीएम मोदी की इस विदेश यात्रा (PM Modi’s Foreign Visit) के दौरान हुए फैसलों से आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: ताशकंद पहुंचे पीएम मोदी, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने किया भव्य स्वागत, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा



