Agricultural Scheme 2026: देश के आर्थिक रूप से कमजोर और बारिश पर निर्भर रहने वाली फसलों की खेती करने वाले कृषकों के लिए राहत की खबर है। दरअसल, भारत सरकार ने बारिश आधारित क्षेत्रों में खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और जलवायु अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार योजानाएं के माध्यम से विकास कर रही है। इसी क्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत वर्षा सिंचित क्षेत्र विकास (RAD) योजना का शुरू किया गया, जिससे बारिश के समय में भी किसानों की आय दोगुनी हो सके।
बता दें कि इस सरकारी योजना (Government Scheme) का मुख्य उद्देश्य खेती के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ आय बढ़ाना और किसानों की आजीविका को सुरक्षित करना है। ऐसे में आइए इस किसान योजना (Kisan Yoiana) से जुड़ी हर एक अपडेट को यहां विस्तार से जानते हैं।
किसानों के लिए वरदान है RAD योजना
वर्षा आधारित क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों को अक्सर अनियमित बारिश, सूखा, अत्यधिक वर्षा और बदलते मौसम जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केवल एक फसल पर निर्भर रहना किसानों को बहुत ही नुकसान होता है। सरकार की RAD योजना इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए एकीकृत कृषि प्रणाली यानी Integrated Farming System (IFS) को बढ़ावा देती है। इसके तहत फसल उत्पादन के साथ बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि-वानिकी और मधुमक्खी पालन (Madhumakhi Palan) जैसी कार्यों को इसमें शामिल किया गया है, ताकि किसान इससे अपनी आय में वृद्धि कर सके।
योजना का लाभ15.85 लाख किसानों तक पहुंचा
सरकार के अनुसार, RAD योजना के तहत अब तक 2,251.98 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके माध्यम से देश में करीब 9.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) के दायरे में लाया गया है। वहीं, इस योजना का लाभ लगभग 15.85 लाख किसानों तक पहुंचा है। इससे किसानों को खेती के साथ आय के दूसरे साधन भी तैयार हो रहे हैं।
बारिश पर निर्भर क्षेत्रों में खेती को मज़बूती देने का संकल्प किसानों के लिए बड़े बदलाव का आधार बन रहा है। वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (RAD) योजना के माध्यम से किसानों के लिए खेती के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
योजना के तहत अब तक 2,251.98 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता से 9.61 लाख… pic.twitter.com/QAaePI8YAd
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) September 6, 2026
एक फसल पर निर्भरता होगी कम
RAD योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें खेती को केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाता। एक ही कृषि क्षेत्र में अलग-अलग तरह के कृषि व्यापार को किया जा सकता है, जिससे किसानों के लिए आय के कई स्रोत तैयार हो जाते हैं। जैसे कि- किसान फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, बागवानी या मधुमक्खी पालन कर सकता है। इससे अगर किसी मौसम में फसल को नुकसान होता है तो आय के दूसरे स्रोत किसान के लिए आर्थिक सहारा बनकर मदद करते हैं।
यह कृषक मॉडल छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी उपयोगी है, क्योंकि इससे उपलब्ध जमीन, पानी और अन्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होता है। क्योंकि खेती के साथ पशुपालन या बागवानी जैसी कार्य कृषि व्यवस्था को अधिक विविध और टिकाऊ बनती है।
ICAR के मॉडल से बढ़ावा
वर्षा सिंचित क्षेत्र विकास कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) मॉडलों पर आधारित है। इन मॉडलों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कृषि गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़ना है। इससे खेत में उपलब्ध संसाधनों का दोबारा उपयोग भी किया जा सकता है और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
एकीकृत कृषि प्रणाली में फसल उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और कृषि-वानिकी आदि एक-दूसरे को सहयोग देती हैं। इससे किसान की कृषि व्यवस्था (Agricultural System) अधिक मजबूत बनेगी और खेती से जुड़े जोखिम भी काफी हद तक कम होंगे।
जलवायु बदलाव से निपटने में मदद
बदलते मौसम का असर देश के किसानों पर लगातार दिखाई दे रहा है। कहीं बारिश कम होने से सूखे की स्थिति बनती है तो कहीं कम समय में अत्यधिक बारिश फसलों को नुकसान पहुंचाती है। RAD योजना में कृषि विविधीकरण और मृदा-नमी संरक्षण (Soil Moisture Conservation) जैसी तकनीकों को बढ़ावा देकर इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश की जा रही है। इस योजना का फोकस किसानों के लिए ऐसी कृषि व्यवस्था तैयार करना है, जो मौसम में होने वाले बदलावों के बावजूद किसानों को उत्पादन और आय का बेहतर आधार दे सके। खेती में अलग-अलग गतिविधियों को शामिल करने से किसानों की जोखिम सहने की क्षमता बढ़ती है और उनकी आजीविका को मजबूती मिलती है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
भारत सरकार का मुख्य लक्ष्य बारिश पर निर्भर क्षेत्रों में कृषि को केवल मौसम आधारित गतिविधि न रखकर इसे अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाना है। RAD योजना के जरिए किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त गतिविधियों से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
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