Samrat Choudhary visit Delhi: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को एक अहम सरकारी दौरे पर दिल्ली पहुंचे हैं। इस दौरान उनकी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में बिहार की करीब 15 हजार करोड़ रुपये की सड़क और पुल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद राज्य की कई लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को गति मिल सकती है। बिहार सरकार का उद्देश्य राज्य में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाना, यातायात व्यवस्था को बेहतर करना तथा औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए मंजूरी और वित्तीय सहयोग का अनुरोध करेंगे।
15 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर होगी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली स्थित परिवहन भवन में होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार की बड़ी सड़क परियोजनाओं की समीक्षा और नई परियोजनाओं को मंजूरी दिलाना है। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, नए रेल ओवरब्रिज (ROB), बाईपास और पुल निर्माण जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा होगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार के कई जिलों में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
नए रेल ओवरब्रिज पर रहेगा फोकस
बैठक में विशेष रूप से चार नए रेल ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण का प्रस्ताव रखा जाएगा। इनमें शामिल हैं:-
- डुमराव
- विक्रमगंज
- सफिया सराय
- जहानाबाद
इन क्षेत्रों में लंबे समय से रेल फाटक के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। नए रेल ओवरब्रिज बनने से लोगों को काफी राहत मिलेगी और आवागमन आसान होगा।
सड़क परियोजनाओं के लिए मांगा जाएगा सहयोग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय सहायता का अनुरोध करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:-
- अरवल–बिहारशरीफ सड़क परियोजना
- बेतिया बाईपास
- समस्तीपुर बाईपास
- औरंगाबाद बाईपास
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
जयनगर में कमला नदी पर बनेंगे दो नए पुल
बैठक में जयनगर क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री कमला नदी पर दो नए पुलों के निर्माण के लिए केंद्र से आर्थिक सहायता का अनुरोध करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान नदी पार करने में काफी परेशानी होती है। नए पुल बनने से मिथिलांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।
बिहार के विकास पर रहेगा जोर
राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से केवल यात्रा आसान नहीं होगी बल्कि उद्योग, व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़कें बनने से माल परिवहन की लागत कम होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार लगातार केंद्र के सहयोग से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
केंद्र और राज्य के बीच समन्वय
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र और बिहार सरकार के बीच बेहतर समन्वय से राज्य की विकास परियोजनाओं को तेजी मिल सकती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पहले भी बिहार में कई राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दे चुका है। अब नई परियोजनाओं पर होने वाली यह बैठक भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
परिवहन व्यवस्था को मिलेगा फायदा
यदि प्रस्तावित परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है तो राज्य के कई जिलों में यात्रा का समय कम होगा। रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार राज्य में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने की बात करते रहे हैं। राज्य सरकार का कहना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क आर्थिक विकास की मजबूत नींव तैयार करता है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार के साथ मिलकर कई नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
राजनीतिक और विकास दोनों दृष्टि से अहम दिन
सोमवार का दिन बिहार की राजनीति और विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली में सड़क परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार के साथ अहम बैठक करेंगे, वहीं दूसरी ओर राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में नई घोषणाओं की भी उम्मीद की जा रही है।
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